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जलस्तर बढ़ते ही कई गांवों में घुसा नदी का पानी

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बेल्थरारोड। सरयू ने रौद्र रूप अख्तियार कर लिया है। नदी का पानी खतरे के निशान से एक मीटर ऊपर तक पहुंच गया है और जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला बदस्तूर जारी है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार सोमवार की शाम जलस्तर 65.030 मीटर दर्ज किया गया, जो लालनिशान 64.010 से 1.020 मीटर अधिक है। आयोग का कहना है कि आधा-आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जल स्तर में वृद्धि होने की संभावना जताई है। लालनिशांन से एक मीटर से ऊपर तक पहुंच जाने से बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है। कई गांवों में नदी का पानी घुस गया है। तुर्तीपार ग्राम तीन तरफ से नदी के पानी से घिर गया है। इंदिरा नगर के दर्जनों घरों में नदी का पानी घुस गया है। इससे रमेश राजभर, विष्णुदेव, किशन देव, अखिलेश आदि करीब एक दर्जन ग्रामीणों का कच्चा मकान नदी के पानी के जलभराव से ध्वस्त हो गया। जिससे ग्रामीणों को समीप के अटवा ग्राम में सुरक्षित स्थानों पर शरण लेनी पड़ी। पशुओं के लिए रखा भूसा पानी में भीग गया। पशुओं के चारे के लिए पशुपालक परेशान हैं। एक दर्जन से अधिक ग्रामों के सैकड़ों बीघा खेत पानी में जलमग्न हो गए। जिससे धान, मक्का, अरहर की फसलें पानी में डूब कर बर्बाद हो रही हैं। हाहानाला टगुनिया राजभर बस्ती से सट कर नदी का पानी बह रहा है। गुलौरा मठिया स्थित शिव मंदिर के निकट कटान हो रही है। इसके अलावा खैरा, सहिया, हल्दीरामपुर की कृषि भूमि कटान की चपेट में है। बीते एक दशक के दौरान हजारों एकड़ भूमि कटान की भेंट चढ़ चुकी है। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने से बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। लाल निशान से एक मीटर से अधिक हो जाने से तटवर्ती दर्जनों ग्रामों के हजारों लोग बाढ़ को लेकर चिंतित हैं।
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