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लाल निशान से 33 सेमी उपर बह रही है सरयू, तुर्तीपार बस्ती में घुसा बाढ़ पानी

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बेल्थरारोड में रिहायशी क्षेत्र से सटकर बह रही सरयू का पानी। - फोटो : BALLIA
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बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से सरयू नदी में उफान से तटवर्ती दर्जनों गांवों के लोगों के होश उड़ गए हैं। जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी रहने से बाढ़ की आशंका प्रबल हो गई है। तुर्तीपार के माली और मल्लाह बस्ती में पानी घुस गया है। तटवर्ती क्षेत्रों में बाढ़ के खतरे को लेकर खलबली मच गई है। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार बुधवार को अपराह्न जल स्तर 64.340 मीटर रिकॉर्ड किया गया। जबकि लाल निशान 64.010 मीटर है। लाल निशान से 33 सेमी ऊपर बहने वाली नदी की प्रकृति बढ़ाव पर है। आयोग का कहना है कि आधा से एक सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से जलस्तर में वृद्धि हो रही है। इसके साथ ही आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में अनवरत रूप से वृद्धि का सिलसिला जारी रहने की संभावना जताई है। आयोग की मानें तो आने वाले दिनों में जल स्तर में और वृद्धि होगी। ऐसे में बाढ़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। बाढ़ का पानी तटवर्ती क्षेत्रों में फैल गया है। कई गांव बाढ़ के पानी से घिर गए हैं। बेल्थरा बाजार के गौतम बुद्ध घाट स्थित मंदिर को छू कर नदी का पानी बह रहा है। तुर्तीपार के माली और मल्लाह बस्ती में पानी घुस गया है। त्यागी बाबा के आश्रम से गांव जाने वाला मार्ग पानी में डूब गया है। सोनौली- बलिया राजमार्ग से निकट से होकर पानी बह रहा है। जलस्तर में वृद्धि जारी रहने से बाढ़ की संभावना बढ़ गई है। उधर, बाढ़ को लेकर प्रशासन अलर्ट है। संभावित बाढ़ के खतरे से निपटने के लिए प्रशासनिक तैयारी पूरी है। रेवती, बैरिया, बांसडीह, नरही व बेल्थरारोड क्षेत्र में सरयू व उसकी सहायक नदियों के बढ़ते जलस्तर के कारण बाढ़ की आशंका पर सुशील राजभर ने चिंता व्यक्त की। कहा कि सुरेमनपुर, दियरांचल, नरही, गड़हांचल व बांसडीह तहसील के उत्तरी छोर पर सरयू नदी के कटान के चलते सैकड़ों बीघा खेत नदी में अब तक समाहित हो चुका है। साथ ही मक्के की फसल भी बाढ़ के पानी से प्रभावित हो चुका है। उन्होंने जिलाधिकारी से मांग किया है संबंधित विभाग द्वारा टीएस बंधे पर बसे सभी गांवों का निरीक्षण कर लोगों की समस्याओं को तत्काल समाधान कराया जाए अन्यथा की दशा में हम लोग कटान पीड़ितों के साथ प्लाधिकारी कार्यालय परिसर में धरना-प्रदर्शन के लिए बाध्य होंगे।
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