पूर बाजार से पश्चिम सतरसर गांव के पास से मंगलवार दोपहर हार्वेस्टर से काटे गए खेतों के अवशेष (पराली) में आग लग गई। तेज पछुआ हवा के साथ भयंकर रूप धारण कर लिया। देखते देखते ही करीब दो किमी के दायरे में आग फैल गई। तीन घंटे बाद फायर ब्रिगेड की गाड़ी पहुंची और आग पर काबू पाया।
आग लगने के बाद एक तरफ दुकानदार दुकानें बंद कर दुकानों को बचाने के लिए बाल्टी से पानी भर भर कर आग बुझाने में जुट गए। वहीं, आग की लपटें रतसर-एकइल मार्ग को पार कर गांव में प्रवेश करने लगी। सैकड़ो की संख्या में जुटे ग्रामीण आग पर काबू पाने का प्रयास करने लगे। सूचना पर पहुंची पुलिस के जवान भी आग पर काबू करने में सहयोग करते रहे। इस दौरान खेतों में रखा गया भूसा, बाग-बगीचे के पेड़ृ-पौधे, कुछ झोपड़ियां जलकर राख हो गईं।
निर्माणाधीन फायर स्टेशन के चालू न होने से ग्रामीणों में रोष
मंगलवार को अगलगी की घटना को लेकर ग्रामीणों ने सरकार एवं शासन को भी कोसा। कहा कि करीब तीन वर्ष से क्षेत्र के गौरामदनपुरा गांव में निर्माणाधीन फायर स्टेशन आज चालू हो गया होता तो छोटी बड़ी किसी भी तरह की अगलगी की घटनाओं पर काबू पाया जा सकता था। उदासीनता के कारण आज ग्रामीणों को भारी फजीहत का सामना करना पड़ रहा है। संवाद