आग में फंसी मंशा की चीख सुनकर परिवार के जोखू, हरिश्चंद्र और जितेंद्र उसे बचाने पहुंचे। आग ने रौद्र पूर धारण कर लिया था और उसके बीच में मंशा फंसी थी। उसे बचाने के चक्कर में तीनों लोग झुलस गए। शोर सुनकर मौके पर पहुंचे ग्रामीणों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया लेकिन तब तक मंशा दम तोड़ चुकी थी।
मड़हे में रखा सामान भी जल कर नष्ट हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने गंभीर रूप से झुलसे 35 वर्षीय हरिश्चंद्र, 30 वर्षीय जितेंद्र और 65 वर्षीय जोखू को रसड़ा अस्पताल पहुंचाया। गंभीर हालत होने के कारण पहले जिला अस्पताल और फिर वहां से वाराणसी रेफर कर दिया गया। मंशा की दो साल पहले शादी हुई थी। उसे एक बच्चा है।