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Ballia News: कोर्ट के आदेश पर तहसीलदार और अन्य पर एफआईआर

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बांसडीह। तथ्यों को छिपाकर व गलत साक्ष्य पेश कर अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनवाने व इसके क्रियान्वयन में लापरवाही बरतने के आरोप में बांसडीह के तत्कालीन तहसीलदार सहित दो अन्य के खिलाफ सीओ बांसडीह की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज किया गया है।
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यह मुकदमा कोर्ट के आदेश पर कराया गया है। पांच जून को बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के कतरिया में हुई मारपीट के मामले में वादी बलिराम प्रसाद की तहरीर पर दूसरे पक्ष के खिलाफ मारपीट का मुकदमा दर्ज किया गया था। घटनाक्रम के वादी पक्ष के घायलों प्रदीप कुमार व नीरज कुमार ने पुलिस को स्वयं के अनुसूचित जनजाति होने का प्रमाण पत्र दिया था।
इसके आधार पर मुकदमे में एससी एक्ट की बढ़ोतरी की गई थी। मुकदमे की विवेचना सीओ बांसडीह शिव नारायन वैस द्वारा की जा रही थी। इस दौरान अनुसूचित जनजाति के प्रमाण पत्र की सत्यापन के लिए संबंधित उपजिलाधिकारी कार्यालय बांसडीह भेजा गया। जांच के दौरान यह तथ्य प्रकाश में आया कि आवेदक द्वारा तथ्यों को छिपाकर गलत तरीके से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र जारी करा लिया गया है।
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वे तुरैहा जाति के हैं जो अनुसूचित जनजाति की श्रेणी में नहीं आते हैं। इसके बाद जब सीओ द्वारा मुकदमे में एससी एक्ट हटाने के लिए रिमांड परिवर्तन के लिए न्यायालय में उपस्थित होकर अपर सत्र न्यायाधीश को जानकारी दी गई। उन्होंने प्रमाण पत्र जारी करने वाले अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराकर रिपोर्ट प्रेषित करने के आदेश दिए थे।
न्यायालय के आदेश के अनुपालन में सीओ की तहरीर पर बांसडीह कोतवाली में अवैध प्रमाण पत्र के धारकों प्रदीप कुमार, नीरज कुमार व तत्कालीन तहसीलदार मुकेश कुमार सिंह के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सीओ शिवनारायण वैस ने बताया कि प्रकरण में न्यायालय के आदेश पर मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई चल रही है।
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