पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर नगर के ठाकुरजी एवं महादेव जी मंदिर की चल-अचल संपत्ति में फर्जीवाड़े के आरोप में नगर पालिका चेयरमैन विनय शंकर जायसवाल सहित नौ लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। रसड़ा निवासी रिखीलाल ने न्यायालय में वाद दाखिल कर आरोप लगाया था कि उनके पूर्वजों की ओर से 1897 को ठाकुरबाड़ी व मंदिर के बाबत एक रजिस्टर्ड न्यास तैयार किया गया था। कुछ लोगों ने साजिश के तहत रसड़ा तहसील के कर्मचारियों से मिलकर ट्रस्ट की जमीन को परशुराम के नाम से अंकित कराकर 7 जनवरी 2017 को बैनामा करा ली। उक्त अपने नाम की जमीन को परशुराम ने रजिस्ट्री कर दी।
इसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने केस दर्ज कर जांच का आदेश दिया। कोर्ट के आदेश पर कोतवाली पुलिस ने हनुमान गली ब्रह्मस्थान निवासी परशुराम, थाना रोड निवासी कैलाश प्रसाद उर्फ मुन्ना, केशव उर्फ झुन्ना, हिताकापुरा निवासी ललिया उर्फ रामदुलारी (मृतक), ठाकुरबाड़ी निवासी अभिषेक दूबे, शंकर राम का हाता, ठाकुरबाड़ी निवासी विनय कुमार उर्फ विनय शंकर जायसवाल, रसड़ा कस्बा के जवाहर लाल, हिताकापुरा निवासी रामअशीष के विरुद्ध केस दर्ज कर जांच की कार्रवाई तेज कर दी है।
चेयरमैन विनय शंकर जायसवाल ने कहा की राजनैतिक द्वेष के चलते उनकी छवि धूमिल करने की साजिश की जा रही है। जांच में स्थिति साफ हो जाएगी।