बैरिया क्षेत्र के रानीगंज स्थित धनुष यज्ञ में मेले में गर्म कपड़ों की खरीदारी करती महिलाएं।
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बैरिया। कड़ाके की ठंड और कोहरा के बाद बुधवार को चटख धूप हुई तो संत सुदिष्ट बाबा के धनुष यज्ञ मेले में भी निखार आ गया। पांच दिनों से लगे मेले में ठंड, कोहरा, गलन तथा बाहरी दुकानदारों के नहीं आने से उदासी ही दिख रही थी। बुधवार को कुछ चहल-पहल बढ़ी। हालांकि अभी भी पूरी दुकानें नहीं लगी हैं, और न ही मेला पूरी तरह से सजा है। लेकिन मेले में जितनी भी दुकानें थीं, भीड़ को देखकर इनके दुकानदारों के चेहरे खिल उठे। संत सुदिष्ट बाबा का धनुष यज्ञ मेला ऐतिहासिक, धार्मिक आस्था का प्रतीक है। मेले में ग्रामीण घर गृहस्थी के अलावा शादी विवाह के उपयोग के लिए सामानों की खरीदारी करते हैं। जनपद के अलावा दूर-दूर से दुकानदार अपने सामानों की दुकानें लेकर यहां पहुंचते हैं। कोरोना संक्रमण के चलते बाहर के कुछ दुकानदार इस बार मेले में नहीं आए हैं। बावजूद इसके मेले में काफी दुकानें लगी हैं। लकड़ी के सामान, बक्सा, आलमारी, बर्तन, कंबल, रजाई, गद्दा और सूती ऊनी वस्त्रों की दुकानें तथा खासकर मिठाई चाट छोले की दुकानें मेले में सज गई हैं। बच्चों के खेल के लिए छोटे चरखी झूला आदि मेले में लगे हैं। इसका आनंद बच्चे लेते हैं। मेले में आने वाले लोग सुदिष्ट बाबा का दर्शन कर मेले में परंपरागत सब्जी संग जलेबी का स्वाद लेते भी दिखे। साथ ही उन्होंने घर-गृहस्थी के सामान भी खरीदे।