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Ballia News: खतौनी की दर को लेकर किसानों ने किया हो हल्ला, कार्य बाधित

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बलिया। एक ओर सरकार किसानों को हर सुविधाएं देने के लिए कवायद कर रही है। वहीं, सदर तहसील में किसानों खतौनी लेने के लिए घंटों मशक्कत करनी पड़ती है। सदर तहसील में खतौनी शुल्क को लेकर सोमवार को किसानों ने काफी हो हल्ला मचाया। उधर, कंप्यूटर कक्ष के पिछले हिस्से से एक खिड़की के माध्यम से खतौनी देने की व्यवस्था को लेकर भी किसानों में रोष रहा। इसको लेकर कई बार खतौनी देने का काम भी प्रभावित रहा।
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सदर तहसील के कंप्यूटर कक्ष में खतौनी से संबंधित कामकाज किया जाता है। बीते कई वर्षों से इस कक्ष में एक ओर किसानों को खतौनी देने की भी व्यवस्था है। कुछ वर्ष पहले कंप्यूटर कक्ष के बाहर एकल खिड़की का इंतजाम किया गया था ताकि किसान शुल्क देकर खतौनी ले सकें। लेकिन कुछ दिनों पहले इस व्यवस्था को बदल दिया गया है। अब कक्ष पिछले हिस्से में बनी खिड़की के माध्यम से खतौनी देने की व्यवस्था की गई है। यहां धूप होते ही किसानों का खड़ा होना दुश्वार हो जाता है।
सोमवार को खतौनी लेने के लिए किसानों की भीड़ रही। इसी बीच बेलहरी के किसान ध्रुव चंद, गड़वार विपिन कुमार व राम बाबू आदि ने व्यवस्था को लेकर नाराजगी जताई। किसानों का आरोप था कि उन्हें परेशान करने के लिए इस तरह की व्यवस्था लागू की गई है। उधर, कुछ किसानों ने कहा कि प्रति खतौनी 15 रुपये शुल्क के स्थान पर 20 रुपये लिया जा रहा है। यह अवैध वसूली खुलेआम की जा रही है और अधिकारी मौन हैं। यह भी कहा कि खिड़की के पास खतौनी का दर अंकित होना चाहिए। इसको लेकर किसानों ने हो हल्ला भी मचाया। इससे नाराज होकर कर्मी खतौनी देना ही बंद कर दे रहे थे।
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खतौनी देने के लिए माकूल इंतजाम नहीं होने के कारण ही किसानों में रोष है। खतौनी के लिए निर्धारित शुल्क से अधिक की वसूली की जा रही है, जिससे किसानों में आक्रोश है। अगर किसानों को सुविधाजनक तरीके से खतौनी देने व निर्धारित शुल्क पर खतौनी जारी करने की व्यवस्था नहीं हुई तो किसान संघ आंदोलन करने को बाध्य होगा। - अखिलेश सिंह, जिलाध्यक्ष, किसान संघ, बलिया


वर्तमान में रीयल टाइम खतौनी का कार्य चल रहा है। जिसके चलते सभी कर्मी उस कार्य को कर रहे हैं। एक कर्मी को खतौनी देने की जिम्मेदारी दी गई है, जो किसान नहीं हैं वहीं इस तरह की हरकत करते हैं और किसानों को उकसा कर हो हल्ला कराते हैं। निर्धारित शुल्क से अधिक लेने का सवाल ही नहीं है। इसकी पड़ताल की जाएगी और संबंधित के खिलाफ कार्रवाई भी होगी। - प्रशांत कुमार नायक, उप जिलाधिकारी, सदर तहसील, बलिया
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