बैरिया। ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के लिए किसानों के भूमि अधिग्रहण में तय सर्किल रेट पर किसानों ने जबरदस्त आक्रोश है। किसानों ने मंगलवार को उपजिलाधिकारी को ज्ञापन देकर बाजार भाव से मुआवजा निर्धारित करने की मांग की। साथ ही प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।
किसानों का कहना है कि बैरिया उपनिबंधक कार्यालय में भूमि रजिस्ट्री के दस्तावेज की जांच करा लें। जिस भाव में जमीन बिक रही है, उसी भाव से मुआवजा भुगतान करें, अन्यथा किसान उच्च न्यायालय में जाने के साथ ही शासन प्रशासन के खिलाफ बड़ा आंदोलन खड़ा करेंगे। उससे उत्पन्न स्थिति के लिए जिला प्रशासन जिम्मेदार होगा। किसानों का पक्ष रखते हुए बैरिया निवासी नरेंद्र कुंवर और धनंजय सिंह ने उपजिलाधिकारी को बताया कि कुछ किसान ऐसे हैं। इनकी पूरी भूमि ग्रीन एक्सप्रेसवे में जा रही है। अगर बाजार रेट से मुआवजा नहीं मिला तो वैसे किसान बर्बाद हो जाएंगे। क्योंकि अधिग्रहीत जमीन के मिले पैसे से उतनी जमीन बाजार भाव से नहीं खरीद पाएंगे। हर हाल में बाजार भाव से अधिगृहीत जमीन का मुवावजा उपलब्ध कराने के लिए उचित कार्रवाई की मांग की है। उपजिलाधिकारी आत्रेय मिश्र ने किसानों को आश्वस्त किया कि मुवावजा तय करने वाले कमेटी के समक्ष के समस्या को रखेंगे। अभी बैरिया तहसील क्षेत्र के गांवों में अधिग्रहित होने वाली जमीन का अधिग्रहण रेट तय नहीं किया गया है। ज्ञापन देने वालों में सुधीर कुंवर, सुमेर कुंवर, सत्येंद्र कुंवर, दिनेश कुमार वर्मा, ब्रजेश पांडेय समेत सैकड़ों किसान शामिल रहे।