जिलाधिकारी रविंद्र कुमार की अध्यक्षता में बृहस्पतिवार को कलक्ट्रेट सभागार में कौशल विकास समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में छह बिंदुओं पर चर्चा की गई।
इस दौरान जिलाधिकारी को बताया गया कि बाल सुधार गृह में रह रहे किशोरों का एक प्रशिक्षण बैच कल से शुरू हो गया है। लेकिन किशोरियों का कोई भी बैच शुरू नहीं हो पाया है। राजकीय आईटीआई के प्रधानाचार्य ने बताया कि उनसे संबद्ध जिले में 15 संस्थान हैं जो कौशल विकास की ट्रेनिंग देते हैं। वर्ष 2022-23 में 3696 बच्चों ने नामांकन करवाया था जिसमें 2160 ट्रेंड हैं और 1536 की ट्रेनिंग चल रही है। इनमें से 483 को प्रमाण पत्र भी दिया गया। इस पर जिलाधिकारी ने पूछा कितने बच्चों का प्लेसमेंट हुआ है तो राजकीय आईटीआई कॉलेज के प्रधानाचार्य ने बताया कि प्लेसमेंट जीरो है। इसके बाद जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे प्रशिक्षण संस्थान से क्या फायदा जो एक भी बच्चे का प्लेसमेंट ना करा सके। ऐसी संस्थाओं को ब्लैक लिस्टेड किया जाए और उन्हें कोई सरकारी सहायता नहीं दी जाए। उन्होंने प्रधानाचार्य से स्पष्टीकरण लेने और रिपोर्ट शासन को भेजने का निर्देश दिया। इसी क्रम में उन्होंने सत्र 21-22 और 22- 23 में प्रशिक्षण प्राप्त किए 5000 छात्रों की लिस्ट निकलवाने को कहा, जिससे पता चल सके कि जिस कोर्स का उन्हें प्रशिक्षण दिया गया है वह प्रशिक्षण वाला ही काम कर रहे हैं या कोई दूसरा।