अमहर पट्टी दक्षिण गांव में बृहस्पतिवार की सुबह पूर्व सैनिक ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इसकी खबर लगते ही गांव में खलबली मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मामले की जांच पड़ताल कर शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया। घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं व्याप्त है।
पूर्व सैनिक हरिंद्र सिंह 60 घर के बाहर अपनी लाइसेंसी दो नाली बंदूक से गर्दन पर गोली मारकर आत्महत्या कर ली। गोली की तेज आवाज सुन घर के अंदर मौजूद बहू ममता दौड़कर बाहर आई और बेसुध ससुर को खून से लथपथ देख चिल्लाने लगी। आसपास के लोग गोली व चिल्लाने की आवाज सुन पहुंचे। हरिंद्र सिंह की मौत हो गई थी। घटना की खबर लगते ही गांव में हड़कंप मच गया।
बताया जाता है कि हरिंद्र सिंह सेना के रिटायर्ड जवान थे। परिवार के साथ गांव में रहते थे। पांच वर्ष पूर्व बड़े पुत्र छोटक सिंह व कोरोना काल में छोटे बेटे प्रवीण सिंह की और छह माह पूर्व पत्नी सरिता सिंह की गंभीर बीमारी से हुई मौत से टूट गए थे। गम भुलाने के लिए नशा का सेवन करने लगे। बड़े बेटे की पत्नी ममता व दो पुत्र प्रतीक 8 व आकृत 5 के सहारे समय काट रहे थे। असमय दो बेटे व पत्नी की मौत से अवसाद में रहने लगे। कुछ दिन पूर्व सड़क किनारे की कीमती जमीन लाखों रुपये में बेची थी। जिसके बाद इकलौती बेटी के यहां दिल्ली चले गए। दस दिन पूर्व गांव आए थे। ग्रामीणों के अनुसार बेटी के यहां से लौटने के बाद काफी गुमशुम रहते थे। पुलिस के अनुसार परिवार में ऐसा कोई विवाद भी नहीं हुआ था कि जिससे उन्होंने ऐसा कदम उठा लिया। हर कोई के जुबान पर सिर्फ एक ही सवाल कौंध रहा कि ऐसा क्या कारण हुआ कि सेना के रिटायर्ड जवान को आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा। दादा की मौत से दोनों नाती का रोते-रोते बुरा हाल है। ससुर की मौत के बाद बहू ममता बेसुध है, उसकी हालत देख सांत्वना देने वालों की हिम्मत जवाब दे जा रही है। रसड़ा थाना प्रभारी हितेंद्र सिंह ने कहा कि शव को पोस्टमार्टम को भेज दिया गया है। बंदूक व घटना स्थल पर मिले साक्ष्यों को इकट्ठा कर जांच के लिए भेजा गया है। रिपोर्ट आने पर आगे की कार्रवाई होगी। प्रथम दृष्टयता मामला आत्महत्या का है।