भारतीय बाल रोग चिकित्सा अकादमी के तत्वावधान में नगर के एक निजी होटल में सोमवार को डायरिया-साक्ष्य आधारित परिचर्चा का आयोजन किया गया। जिसमें जनपद के बाल रोग चिकित्सकों ने अपने विचार रखे।मुख्य वक्ता के रूप में संस्था के अध्यक्ष डा. अजीत सिंह ने कहा कि डायरिया या दस्त अत्यंत खतरनाक बीमारी है। इसके चलते शिशुओं की मौत भी प्रमुख कारण के रूप में देखा जाता है।
डा. सिंह ने बताया कि स्वस्थ्य पेयजल तथा खाने-पीने से पहले हाथ धोने की आदत डाले। बासी खाने को परहेज करे। मुख्य अतिथि सीएमओ डा. पीके सिंह ने स्वास्थ्य विभाग की ओर से प्रत्येक स्वास्थ्य केंद्र आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं तक ओआरएस तथा जिंक की उपलब्धता को विस्तार से समझाया। कहा कि स्वास्थ्य महकमा शिशुओं में डायरिया की समस्या का प्रभावी ढंग से इलाज के लिए कटिबद्ध है।
डा. अशोक कुमार सिंह ने डायरिया एवं डि-हाईड्रेशन से होने वाली मौत एवं इसके बचाव पर विस्तार से प्रकाश डाला। कहा कि डायरिया से लगभग 20 लाख बच्चे असमय मौत के मुहं में समा जाते हैं। पांच वर्ष से कम उम्र के शिशुओं में होने वाली कुल मौतों में 17 फीसदी मृत्यु डायरिया के कारण होती है। इस मौके पर डा. आशु सिंह, डा. आरके केजरीवाल, डा. विनेश कुमार आदि रहे।