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गंगा व घाघरा में बढ़ाव जारी, तटवर्ती इलाकों में खलबली

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बेल्थरारोड क्षेत्र के चैनपुर गुलौरा में सरयू नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते ग्रामीण। - फोटो : BALLIA
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गंगा व घाघरा के जलस्तर में लगातार बढ़ाव जारी है। इसके चलते तटवर्ती इलाकों के लोग सहमे हुए हैं। गंगा के जलस्तर में शनिवार आधी रात से 6 सेमी प्रति घंटे का बढ़ाव शुरू हो गया। इसके बाद बाढ़ व कटान प्रभावित क्षेत्र के लोगों मे अफरा-तफरी का माहौल बन गया है। गंगा जहां लाल निशान से 74 सेमी नीचे बह रही है वहीं, घाघरा लाल निशान से मात्र 65 सेमी दूर है।
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गायघाट गेज पर रविवार सुबह आठ बजे गंगा का जलस्तर 55.870 मीटर दर्ज किया गया। नदी में 6 सेमी प्रति घंटे का बढ़ाव हो रहा है। शनिवार शाम चार बजे नदी का जल स्तर 55.070 मीटर था। नदी में पिछले 16 घंटे में 80 सेमी की वृद्धि दर्ज की गई। नदी यहां चेतावनी बिंदु 56.615 मीटर से मात्र 74 सेमी नीचे बह रही है। यहां खतरा बिन्दु 57.615 मीटर पर है। लाल निशान के करीब पहुंच चुकी गंगा की लहरें कटान प्रभावित सुघरछपरा, दूबेछपरा, उदयीछपरा के पास उत्पात मचाना शुरू कर दिया है जिसके चलते शनिवार से कटान तेज हो गया है। इससे ग्रामीणों में अफरा-तफरी का माहौल है। उधर, गंगा का पानी मौजा धर्मपूरा, मझौवा, शुक्लछपरा, बेलहरी, गायघाट आदि के 50 एकड़ से अधिक क्षेत्रफल में फैली सब्जी की फसल को नष्ट कर दिया है।
बेल्थरारोड। पिछले कई दिनों से सरयू नदी के जलस्तर में वृद्धि का सिलसिला जारी है। जिससे तटवर्ती दर्जनों गांवों के हजारों लोग बाढ़ की आशंका को लेकर सहम गए हैं। केंद्रीय जल आयोग के अनुसार रविवार की शाम जलस्तर 63.36 मीटर दर्ज किया गया, जो लाल निशान 64.01 से 65 सेंटीमीटर कम है। आयोग ने अगले 24 घंटे में जलस्तर में बढ़ाव की संभावना जताई है। आयोग का कहना है कि जलस्तर में आधा- आधा सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से वृद्धि हो रही है। जलस्तर बढ़ने से बाढ़ की संभावना प्रबल हो गई है। जिस रफ्तार से जलस्तर में बढ़ोत्तरी का क्रम चल रहा है, उसे देखते हुए आगामी कुछ दिनों तक यदि वृद्धि का सिलसिला इसी तरह जारी रहा तो बाढ़ की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। जलस्तर में वृद्धि के साथ ही तटवर्ती क्षेत्रों में कटान भी हो रहा है। कृषि योग्य उपजाऊ भूमि कट- कट कर नदी की जलधारा में विलीन हो रही है। इसको लेकर तटवर्ती लोग चिंतित हैं। उधर, बाढ़ को लेकर प्रशासन पूरी तरह अलर्ट है।
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