फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Ballia News: उन्नत बीज और दलहन-तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता पर दिया जोर

विज्ञापन
राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव कल्चर संग्रहण के भवन का ​​शिलान्यास करते सचिव डेयर एवं महानिदे
विज्ञापन
भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद दिल्ली के वरिष्ठ अधिकारियों ने रविवार को जनपद मऊ स्थित राष्ट्रीय कृषि उपयोगी सूक्ष्मजीव ब्यूरो तथा राष्ट्रीय बीज विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान का भ्रमण किया। इस अवसर पर कृषि अनुसंधान, उन्नत बीज तकनीक, सूक्ष्मजीव आधारित कृषि पद्धतियों, दलहन-तिलहन उत्पादन में आत्मनिर्भरता और किसानों की आय बढ़ाने पर विमर्श किया। कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग के सचिव तथा भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद के महानिदेशक डॉ. मांगी लाल जाट, उपमहानिदेशक (फसल विज्ञान) डॉ. देवेंद्र कुमार यादव और उपमहानिदेशक (कृषि विस्तार) डॉ.राजबीर सिंह ने परिसर में पौधरोपण और सूक्ष्मजीव संग्रह के नए भवन का शिलान्यास किया। किसान संगोष्ठी में 500 किसानों ने हिस्सा लिया। इस दाैरान डॉ. मांगी लाल जाट ने कहा कि देश को दलहन और तिलहन के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाना हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसके लिए किसानों तक गुणवत्तापूर्ण और उन्नत किस्म के बीजों की उपलब्धता सुनिश्चित करनी होगी। प्रयोगशालाओं में हो रहे अनुसंधान का सीधा लाभ किसानों के खेतों तक पहुंचना आवश्यक है। वहीं डॉ. देवेंद्र कुमार यादव ने कहा कि मृदा स्वास्थ्य की रक्षा और टिकाऊ खेती के लिए सूक्ष्मजीव तकनीक तथा जैव उर्वरक का उपयोग अत्यंत प्रभावी है। जैविक एवं सूक्ष्मजीव आधारित उत्पाद रासायनिक खादों पर निर्भरता कम करते हैं और मिट्टी की दीर्घकालिक उर्वरता को बनाए रखते हैं। वहीं डॉ. राजबीर सिंह ने कहा कि वैज्ञानिकों, विस्तार कार्यकर्ताओं और किसानों के बीच सीधा और निरंतर संवाद ही कृषि विकास की कुंजी है। संतुलित पोषण प्रबंधन और आधुनिक उत्पादन तकनीकों को अपनाकर किसान अपनी लागत घटा सकते हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें