विभिन्न मांगों को लेकर विद्युत कर्मियों ने दिया धरना
बलिया। विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति के आह्वान पर अधीक्षण अभियंता विद्युत वितरण कार्यालय परिसर सोमवार को समिति के सदस्यों ने धरना दिया। इस मौके पर उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए वक्ताओं ने कहा कि केंद्र सरकार की मजदूर विरोधी एवं श्रमिक कानून विरोधी है। सार्वजनिक क्षेत्रों के उपक्रमों को निजी घरानों के हाथों कौडियों के भाव बेचा जा रहा है। प्रदेश ऊर्जा के क्षेत्र में अभियंताओं, अवर अभियंताओं एवं कर्मचारियों को फर्जी जांच के नाम उत्पीड़न किया जा रहा है। निजीकरण करने के पश्चात बिजली के बिलों में दो से तीन गुना वृद्धि हो जाने तथा इलेक्ट्रिसिटी बिल 2021 को लागू करने के विरोध में कार्य बहिष्कार कर धरना प्रदर्शन किया गया। उन्होंने मांग किया देशहित एवं जनहित में इलेक्ट्रिसिटी बिल 2021 तथा विद्युत वितरण क्षेत्र के निजीकरण के लिए जारी किए स्टैंर्ड बिलिंग को तत्काल वापस लिया जाए।ग्रेटर नोएडा के विद्युत वितरण का निजीकरण एवं आगरा शहर का फ्रेंचाइजीकरसण तत्काल निरस्त किया जाए। सभी केंद्र शासित प्रदेशों सहित अन्य स्थानों पर चल रही निजीकरण की प्रक्रिया को अबिलंब रोका जाए। धरना सभा में मुख्य रूप से रमाशंकर पांडेय, ई. विष्णु मालवीय, ई. सत्येेंद्र कुमार, ई. अधिकंश सिंह कुमार, नगीना राम, रामबाबू, आलोक, जगदीश चन्द्र श्रीवास्तव, मु. मुस्तफा, गजेंद्र सिंह, अनिल कुमार, श्याम अवध यादव, मनोज यादव, रतन लाल आदि मौजूद रहे।