बलिया। जिले में पिछले करीब 20 दिनों से बिजली की भारी किल्लत चल रही है इसके बावजूद विभागीय अधिकारी रोस्टर के अनुसार आपूर्ति का दावा कर रहे हैं। जिला मुख्यालय पर ही 5 से 6 घंटे की कटौती हो रही है। ग्रामीण इलाकों में तो आपूर्ति की हालत काफी खराब है और मुश्किल से पांच से छह घंटे की आपूर्ति कई किस्तों में मिल रही है। बिजली की कटौती से व्यापार से लेकर छोटे उद्योग धंधे चौपट हो रहे हैं। ग्रामीण इलाकों में पेयजल आपूर्ति भी बिजली के अभाव में चरमरा गई है। अघोषित बिजली कटौती का दंश इस भीषण गर्मी में आम आदमी के साथ कारोबारियों व उद्यमियों के भी पसीने छुड़ाने लगा है। घोषित रोस्टर से काफी कम बिजली मिलने के कारण उद्योग व्यापार पर भी संकट मंडराने लगा है। कारोबारियों का कहना है कि बीते दो वर्ष ईद पर कोरोना परेशान कर रखा था और इस बार अब बिजली रुलाने लगी है। घंटों जनरेटर चलाने की मजबूरी के कारण जेब पर बोझ बहुत बढ़ गया है। वहीं बिजली की अंधाधुंध कटौती के कारण बैटरी चार्ज नहीं होने से इनवर्टर भी जवाब दे दे रहे हैं। जिले में कोई बड़े उद्योग तो नहीं है लेकिन छोटे उद्योग खासकर आटा चक्की, तेल मिल का कारोबार करने वाले कारोबारी काफी परेशान हैं। व्यापारियों का कहना है कि कोरोना के बाद व्यापार संभल ही रहा था कि अब बिजली ने झटका दे दिया है। कहा कि जनरेटर चलाकर कारोबार करना काफी महंगा साबित हो रहा है। रोजाना एक से डेढ़ हजार रुपये का आर्थिक बोझ पड़ रहा है तो दूसरी ओर बिजली के नहीं रहने पर काम नहीं होने के बावजूद कारीगर व मजदूरों का भुगतान करना पड़ता है।