बलिया। छात्रवृत्ति एवं शुल्क प्रतिपूर्ति योजना में खासकर शिक्षण संस्थानों की ओर से काफी उदासीनता बरती जाती है। इसे शासन ने संज्ञान लिया है। इस वर्ष छात्रों की ओर से किए गए आवेदनों की मॉनिटरिंग अधिकारियों की ओर से की जाएगी। आवेदनों को अग्रसारित नहीं करने वाले शिक्षण संस्थानों के खिलाफ अब कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रदेश सरकार ढाई लाख रुपये सालाना आय वाले अनुसूचित जाति और जनजाति के छात्रों और दो लाख तक सालाना आय वाले अन्य वर्ग के छात्रों को छात्रवृत्ति के साथ ही शुल्क प्रतिपूर्ति की सुविधा देती है। एससी-एसटी छात्रों के अलावा अन्य वर्गों के छात्रों के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में शुल्क प्रतिपूर्ति की अधिकतम सीमा भी निर्धारित है। बताया जाता है कि पिछले सत्र में अंतिम तिथि समाप्त होने के बावजूद संस्थानों के स्तर पर बड़ी संख्या में छात्रवृत्ति के आवेदन लंबित रह गए थे। इसके चलते, छात्रों को परेशानी का सामना भी करना पड़ा। इतना ही नहीं, शासन की ओर से अनुसूचित जाति के छात्रों के लिए तिथि बढ़ाकर उनका डाटा अग्रसारित करने की सुविधा देनी पड़ी थी। इसके चलते छात्रों को भुगतान करने में काफी विलंब हुआ। इस वर्ष छात्रवृत्ति आवेदनों की मॉनीटरिंग होगी और डाटा अग्रसारित नहीं करने वाले संस्थानों की जवाबदेही तय करते हुए नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी।
इस बाबत जिला समाज कल्याण अधिकारी विनोद कुमार सिंह ने बताया कि छात्रवृत्ति आवेदनों का डाटा अग्रसारित नहीं करने वाले शिक्षण संस्थानों को चिह्नित किया जाएगा। शासन के निर्देशानुसार कार्रवाई भी होगी।