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दवा कंपनियों के खिलाफ दवा प्रतिनिधियों ने श्रम कार्यालय पर किया प्रदर्शन

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बलिया। उत्पीड़न के खिलाफ दवा प्रतिनिधियों ने मंगलवार को श्रम परिवर्तन कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। इस दौरान उत्तर प्रदेश मेडिकल एंड सेल्स रिप्रेजेंटेटिव्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने कहा कि दवा कंपनियां सामूहिक निष्कासन, स्थानांतरण और वेतन व भत्तों में हो रही कटौती कर रही हैं. प्रदर्शनकारियों ने श्रममंत्री को संबोधित ज्ञापन श्रम अधिकारी और जिलाधिकारी को सौंपा।
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पत्रक में कहा गया है कि दवा प्रतिनिधियों को बिना किसी सूचना के निकाला जाना ये घोर अन्याय है। एफएमआरएआई के नेता रघुबंश एवम प्रमोद ने बताया कि कोरोना काल के समय में दवा कंपनियों को तीन से पांच गुना फायदा हुआ है। इसके बावजूद भी बहुत सी कंपनियों ने दवा प्रतिनिधियों को बड़े स्तर पर बिना किसी सूचना के नौकरी से निकाला है।अब तो जब मन में आये तब वेतन रोक देना और ट्रांसफर कर देना उनके लिए आम बात हो गई है । वेतन रोकने के साथ ही प्रताड़ित भी किया जा रहा है हाल ही में कई कंपनियों ने बड़े पैमाने पर कर्मचारियों की छंटनी की है । कई कंपनियों ने दवा प्रतिनिधियों का न सिर्फ वेतन रोका है बल्कि उन्हें प्रताड़ित करने की मंशा से दूर - दराज के क्षेत्रों में अनैतिक तरीके से स्थानांतरित भी किया जा रहा है। सीटू संयोजक अजीत सिंह ने कहा कि श्रम विभाग के अधिकारियों का व्यवहार हम मजदूर वर्ग के लोगों के प्रति उदासीन रहा है। दवा कम्पनियां एक के बाद एक गैरकानूनी तरीके से दवा प्रतिनिधियों को प्रताड़ित कर रही है । इनकी लगातार शिकायत करने के बावजूद श्रम विभाग और संबंधित अधिकारियों का व्यवहार बेहद अफसोस जनक रहा है । जो हमारे लाखों दवा प्रतिनिधियों के लिए चिंता का विषय है। इस मौके पर कमलेश, देवेंद्र , रंजीत ,रवि श्रीवास्तव, छोटन,शैलेश , विनय , आलोक, नरेंद्र आदि दवा प्रतिनिधि मौजूद रहे।
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