केमिस्ट एंड ड्रगिस्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में नगर के एक निजी होटल में कार्य समिति की ओर से शुक्रवार को गोष्ठी का आयोजन किया गया। जिसके बतौर मुख्य अतिथि राष्ट्रीय महासचिव सुरेश गुप्ता ने कहा कि हमारे संगठनात्मक एकजुटता को देखते हुए केंद्र और राज्य सरकार अकसर भयभीत होती रही हैं।
राष्ट्रीय महासचिव ने कहा कि संगठन प्रदेश के 74 में से 72 जिलों में अपनी एकता का परिचय दे रहा है। उन्होंने दवा व्यवसायियों से कहा कि इस बार सरकार ने जो ड्रग लाइसेंस में शुल्क वृद्धि का एलान किया है। उसमें आंशिक बढ़ोत्तरी के साथ लागू कराया जाएगा। भरोसा दिलाया कि यह शुल्क तीन से बढ़कर पांच हजार ही होगा। कहा कि हमारी बिरादरी केवल केमिस्ट की है। एक रिट याचिका पर आश्चर्य जताते हुए कहा कि 18 जनवरी की प्रस्तावित बंदी पर उच्च न्यायालय के डबल बैंच ने बंदी पर जो रोक लगाई थी।
जिसका प्रदेश भर के व्यापारियों ने सम्मान करते हुए बंदी को स्थगित कर दिया। लेकिन लखनऊ पहुंचकर दवा व्यवसायियों ने अपनी एकजुटता का एतिहासिक प्रदर्शन किया। फार्मासिस्टों की अनिवार्यता ड्रग एवं कास्मेटिक एक्ट में पहले से प्रवधान रहा है। लेकिन दवा के थोक दूकानों पर फार्मासिस्टों की अनिवार्यता को स्वीकार नहीं किया जाएगा। दवा व्यवसाय से वर्तमान समय में इसकी अनिवार्यता को समाप्त कराने के लिए संघर्ष किया जा रहा है।
इस मौके पर प्रांतीय अध्यक्ष दिवाकर सिंह ने कहा कि 29 जनवरी को लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन का एकमात्र उद्देश्य रहा कि हम अपनी मांगों को सरकारों तक पहुंचा दे। इस मौके बीसीडीए के अध्यक्ष आनंद सिंह ने सभी आगंतुक पदाधिकारियों का स्वागत किया। महामंत्री अरुण गुप्ता एवं चेयरमैन राकेश श्रीवास्तव ने अतिथियों को अंगवस्त्रम से सम्मानित किया। गोष्ठी में ड्रग इंस्पेक्टर जयंत सिंह, अनिल त्रिपाठी, मनोज श्रीवास्तव, अमिताभ श्रीवास्तव, विशाल सिंह, राजेश सिंह, राजकुमार, सत्यप्रकाश पांडेय, हीरू अग्रवाल, वीरू अग्रवाल, बदरूद्दीन, डॉ. बाहिद अली, सदानंद मनोज भट्ट, विनोद गुप्ता, आशीष आदि मौजूद रहे।
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