बलिया। अस्पताल में दवाओं की कमी की शिकायतों पर जिलाधिकारी ने सोमवार को अधिकारियों की टीम गठित कर जिला और महिला अस्पताल के साथ ही सभी सीएचसी, पीएचसी पर दवा के स्टाक की जांच कराई गई। अचानक जांच से कर्मचारियों में हड़कंप की स्थिति मची रही। कुल 50 केंद्रों के स्टाक में भिन्नता पाई गई है। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों प्रकरण में स्पष्टीकरण तलब किया है। इसके बाद कार्रवाई की जाएगी।
अस्पतालों में हमेशा चिकित्सकों की ओर से बाहर की दवा लिखने और अस्पताल में महत्वपूर्ण दवाओं का टोटा होने की शिकायतें मिलती रहती है। नागरिकों को दवा आदि की उपलब्धता सुनिश्चित कराने के लिए जिलाधिकारी सोमवार को उच्च अधिकारियों की जांच टीम गठित की। टीम के माध्यम से जिला चिकित्सालय, जिला महिला चिकित्सालय, सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों पर दवा के स्टाक और उपलब्धता की जांच कराई। वरिष्ठ अधिकारियों के नेतृत्व में टीम ने जिला अस्पतालों के साथ ही 98 प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्रों की जांच की। डिप्टी कलेक्टर इंद्रभान तिवारी और प्रशासनीक अधिकारी योगेश पान्डेय ने जिला अस्पताल के ड्रग स्टोर का निरीक्षण किया। दवा के रखरखाव को देखा। दवाइयों के स्टॉक की जानकारी ली। एक्सपायी डेट आदि की गहनता से जांच की। डिप्टी कलेक्टर ने कहा कि मरीजों का बेहतर इलाज हो और उन्हें बाहर से दवा खरीदने के लिए मजबूर न किया जाए ।अस्पताल में दवाओं की कमी नहीं होनी चाहिए। करीब तीन घण्टे तक दवा का स्टाक देखा। एक हफ्ते के दवा का स्टॉक हर हाल में उपलब्ध रखने का निर्देश दिया। निरीक्षण के दौरान 50 केन्द्रों पर स्टाक में भिन्नता पाई गई। संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी का स्पष्टीकरण मांगा गया है।