बैरिया। 1942 अगस्त क्रांति के समय 18 अगस्त को बैरिया थाना से अंग्रेजों का जैक उतार कर तिरंगा फहराने के दौरान हुई क्रांति में शहीद हुए अमर शहीदों को शुक्रवार को जनपद भर के लोगों ने श्रद्धापूर्वक स्मरण किया और श्रद्धांजलि अर्पित की। इसमें सेनानी, सेनानी संगठन, भूतपूर्व सैनिक, राजनीतिक दलों के लोग, सामाजिक संगठनों के अलावा विभिन्न विद्यालयों के छात्र-छात्राएं शामिल थे।
परंपरा के मुताबिक सबसे पहले, थाना प्रभारी धर्मवीर सिंह ने शहीद स्मारक पर परंपरागत तरीके से पूजा अर्चन किया। शहीद स्मारक पर चादर चढ़ाया। हवन करने के साथ ही पुष्पांजलि अर्पित कर पुलिस विभाग की ओर से शहीदों को नमन किया। भूतपूर्व सैनिक संगठन ने अपने सैन्य अंदाज में शहीदों को नमन किया। उन्हें सलामी दी और पुष्पचक्र अर्पित किया। श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने कहा कि स्वतंत्रता सेनानियों को भुलाया नहीं जा सकता। वह खुद की जान व अपने परिवार की बिन चिंता किए देश की आजादी के लिए शहीद हो गए।
श्रद्धासुमन अर्पित करने वालों में राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, पूर्व विधायक सुरेन्द्र सिंह, सपा नेता सनातन पांडेय, पूर्व मंत्री तारकेश्वर मिश्रा, भाजपा के जिलाध्यक्ष जयप्रकाश साहू, जिला उपाध्यक्ष अमिताभ उपाध्याय, कांग्रेस के पारसनाथ वर्मा, पूर्व चेयरमैन संजय उपाध्याय, कांग्रेस नेता विनोद सिंह सहित विभिन्न दलों के तीन दर्जन से अधिक लोगों ने श्रद्धा के फूल अमर शहीदों को अर्पित किया।
नौ वर्ष बाद हुई सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा
नौ वर्षों बाद इस बार शहीद स्मारक पर शुक्रवार को सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इसमें विभिन्न दलों के तीन दर्जन से अधिक वक्ताओं ने शहीदों को श्रद्धा सुमन अर्पित करते हुए अपने पार्टी के नीतियों सिद्धांतों को विस्तार से रखा और गरीब गांव किसान के विकास के लिए काम करने के साथ ही जनपद के सर्वांगीण विकास का संकल्प दोहराया। नगर पंचायत बैरिया की ओर से नगर पंचायत अध्यक्ष प्रतिनिधि शिवकुमार वर्मा मंटन ने सेनानियों को सम्मानित किया। सुबह नौ बजे से शुरू हुआ सर्वदलीय श्रद्धांजलि सभा दोपहर तीन बजे तक चली। अध्यक्षता रामाधार पांडेय और संचालन हरि कंचन सिंह ने किया।
शहीदों ही याद में विचार गोष्ठी
तहसील के सभागार में शहीदों के याद में विचार गोष्ठी हुई। सेनानी के वंशज रामविचार पाण्डेय ने बताया कि अमर सपूत कौशल कुमार सिंह ने गोलियों की बौछार की चिंता किए बगैर अंग्रेजों का जैक उतार कर तिरंगा फहरा दिया था। उनके साथ ही कुल 18 अमर सपूत शहीद हो गए।
उपजिलाधिकारी बैरिया आत्रेय मिश्र ने कहा कि सेनानियों ने अपनी जान गंवाकर देश को आजाद कराया। उन्हीं की बदौलत अंग्रेज शासक देश छोड़ने को मजबूर हुए। तहसील सभागार में सेनानियों व उनके वंशजों में रामविचार पांडे, गंगासागर सिंह, कौशल कुमार गुप्त, योगेश मिश्रा, अंजनी राय, विनय पांडेय, विनोद गुप्त, वीरेंद्र कुमार आदि को सम्मानित किया गया। मौके पर तहदीलदार सुदर्शन कुमार, नायब तहसीलदार राजेश कुमार यादव आदि रहे।
रक्तदान शिविर का हुआ आयोजन
शहीद दिवस के अवसर पर शहीद स्मारक बैरिया के बगल में स्थित बाबा लक्ष्मण दास द्वाबा राष्ट्रीय इंटर कॉलेज बैरिया परिसर में डॉक्टर ब्रह्म प्रकाश सिंह मेमोरियल सोसाइटी गोन्हिया छपरा द्वारा रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इसमें रेल मंत्रालय के आईआरटीएस निर्भय नारायण सिंह और डाॅ. प्रेमप्रकाश सिंह के नेतृत्व में पंकज सराफ, पुष्पा आदि 101 उत्साही युवकों और महिलाओं ने रक्तदान किया। मौके पर डाॅ. प्रेमप्रकाश सिंह, नवीन उपाध्याय, दिव्यंत सिंह, शैलेश सिंह आदि उपस्थित रहे।
बैरिया से बांसडीह पहुंचा सेनानियों का दल
बांसडीह। 18 अगस्त को परंपरा के अनुसार बलिया से बैरिया होते हुए सेनानियों का दल वरिष्ठ स्वतंत्रता संग्राम सेनानी रामविचार पांडेय के नेतृत्व में शुक्रवार को बांसडीह कचहरी चौराहे पर पहुंचा, जहां प्रशासन की तरफ से उपजिलाधिकारी बांसडीह, पुलिस क्षेत्राधिकारी तथा बांसडीह कोतवाली निरीक्षक सहित सेनानी उत्तराधिकारी सगठन बांसडीह के अध्यक्ष प्रतुल कुमार ओझा ने स्वागत किया। इसके बाद, सेनानी तथा उनके आश्रितों ने चौराहे पर स्थित सेनानी स्मारक और द्वार पर पुष्प अर्पित करने के उपरांत बांसडीह डाकबंगला स्थित शहीद पंडित रामदहीन ओझा की प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस मौके पर भारत माता की जय और वंदे मातरम के नारों से पूरा वातावरण गूंज उठा। आयोजित कार्यक्रम में विनय पांडेय, गंगा सागर सिंह, नरेंद्र ओझा, कौशल सिंह, जाकिर हुसैन, ऊषा सिंह, रोहित गुप्ता, राजू दूबे, अवनीश मिश्रा सहित आदि उपस्थित रहे।