बलिया। जिला अस्पताल में बेडों की कमी से डायलिसिस के लिए मरीजों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। 10 बेड की डायलिसिस यूनिट से किडनी के मरीजों को सहूलियत तो मिली लेकिन मरीजों की संख्या के हिसाब से सुविधा नहीं मिल पा रही थी।
वर्तमान में 22 मरीज प्रतीक्षा में हैं। बाकी को लौटा दिया जा रहा है। ऐसे में गंभीर रोगियों को दूसरे जनपदों में इलाज के लिए रवाना होना पड़ता है। अब उन्हें दूसरे जिलों की दौड़ नहीं लगानी होगी। डायलिसिस यूनिट में छह और बेड बढ़ाए जाएंगे। इसके लिए सर्वे का कार्य पूरा कर लिया गया है। जल्द ही संबंधित संस्था की ओर ये यहां कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
जिला अस्पताल में मरीजों को डायलिसिस के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। इससे किडनी के मरीजों पर संकट बना रहता है। वर्तमान में 20 से 22 मरीज वेटिंग में चल रहे हैं। अस्पताल से रोजाना दो से तीन मरीजों को लौटना पड़ता है। निजी केंद्रों में डायलिसिस के लिए मोटी रकम खर्च करनी पड़ती है। जिला अस्पताल में पीपीपी माडल पर डायलिसिस यूनिट का संचालन किया जाता है। कुल 10 बेडों पर रोजाना तीन शिफ्टों में मरीजों की डायलिसिस की जाती है। बेडों की कमी से मरीजों के लौटने की समस्या को देखते हुए अक्तूबर में जिला अस्पताल के दौरे पर आए प्रदेश के डिप्टी सीएम एवं स्वास्थ्य मंत्री बृजेश पाठक से इस समस्या के बारे में अवगत कराया गया था। पांच बेड बढ़वाने की मांग की थी। सीएमएस डॉ. दिवाकर सिंह ने बताया कि संस्था की ओर से जल्द ही बेडों को बढ़ाने और मशीनों को लगाने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
निगेटिव मरीजों के लिए पांच और पॉजिटिव के लिए एक बेड बढ़ेगा
बलिया। सीएमएस डॉ. दिवाकर सिंह ने बताया कि अस्पताल में सीरो निगेटिव मरीजों के लिए पांच बेड और पॉजिटिव मरीजों के लिए एक बेड़ बढ़ाया जाएगा। इससे यूनिट में निगेटिव मरीजों के लिए 14 बेड और पॉॅजिटिव मरीजों के लिए दो बेड की सुविधा उपलब्ध हो जाएगी। किडनी के मरीजों को इससे काफी सुविधा मिलेगी।