उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के सदस्यों ने बृहस्पतिवार को ऑनलाइन ट्रेडिंग और एफडीआई के विरोध में कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया। इस दौरान व्यापारियों ने प्रधानमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा।
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल के जिलाध्यक्ष राधारमण अग्रवाल ने ऑनलाइन ट्रेडिंग और एफडीआई का विरोध किया। कहा कि सरकार ने ग्राहकों को दिए जा रहे भारी डिस्काउंट पर नकेल कसने के लिए कोई सख्त फैसला नहीं लिया है। अभी तक यह भी पता नहीं हो सका कि ग्राहकों को ई-कॉमर्स कंपनियां द्वारा दिए जा रहे डिस्काउंट का फायदा हो भी रहा है या नहीं। यह भी हो सकता है कि कंपनियां ग्राहकों को गुमराह करने की कोशिश कर रही हो।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह कंपनियां फॉरेन डायरेक्ट इन्वेस्टमेंट (एफडीआई) का खुलेआम उल्लंघन कर रही है। सरकार को इस पर भी लगाम लगाना चाहिए। युवा जिला अध्यक्ष प्रदीप रस्तोगी ने कहा कि एफडीआई के माध्यम से बहुराष्ट्रीय कंपनियों का वर्चस्व स्थापित करने के लिए समय-समय पर ग्राहकों को आकर्षित करने की स्कीम चलाती है। इससे खुदरा कारोबारियों के सामने आर्थिक संकट बढ़ता जा रहा है। हम सभी व्यापारी लोग कि मांग है कि ऑनलाइन ट्रेडिंग पर जीएसटी के अतिरिक्त 20 प्रतिशत विकास कर लागू की जाए। साथ ही ऑनलाइन ट्रेडिंग के व्यापार के लिए अब नया पंजीकरण देना बंद किया जाए। कहा कि अगर मांग पूरी न हुई तो इससे बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन देने वालों में प्रेमचंद्र मिश्र, अभिषेक गुप्ता, चंद्र सिंह , विक्रांत सिंह, संदीप गुप्ता, कन्हैया सिंह, रंजीत गुप्ता, सागर सिंह राहुल, विजय आदि मौजूद रहे।