बलिया। बीते तीन माह में विद्युत बिलिंग में खूब खेल किया गया है। विभागीय अधिकारियों की ओर से कराई गई जांच में जहां 50 फीसदी विद्युत बिल का वितरण नहीं हुआ है वहीं इतने ही उपभोक्ताओं के बिल की रीडिंग में धनराशि अधिक अंकित की गई है। विभागीय अधिकारी की ओर से कार्यदायी संस्था के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के लिए कोतवाली को तहरीर दी गई है। हालांकि पुलिस अभी मामले की जांच कर रही है।
जिले में विद्युत बिलिंग व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है जबकि इस कार्य की जिम्मेदारी विभाग की ओर से कार्यदायी संस्था मेसर्स क्वेस कॉर्प लिमिटेड को इस कार्य की जिम्मेदारी दी है। विभागीय अधिकारियों की जांच में बिलिंग व्यवस्था में गड़बड़ी व करीब छह करोड़ के राजस्व नुकसान का मामला सामने आने के बाद विभागीय अधिकारियों की ओर से कार्यदायी संस्था के सीएमडी समेत चार लोगों के खिलाफ तहरीर दी गई है। हालांकि अभी कोतवाली पुलिस की ओर से जांच करने की बात कही जा रही है। उधर, इस जांच में यह भी सामने आया है कि प्रत्येक विद्युत वितरण खंड में कार्यदायी संस्था की ओर से बिलिंग में काफी मनमानी की गई है।
प्रत्येक खंड के अधिकारियों ने बीते सितंबर, अक्तूबर व दिसंबर माह के विद्युत बिलों की जांच की है। लेकिन करीब 50 फीसदी उपभोक्ताओं के यहां बिल नहीं पहुंचा तो इतने ही बिलों में अधिक धनराशि अंकित की गई, जिससे बिल त्रुटिहीन हो गए और इसका संशोधन करना पड़ा। बतौर उदाहरण विद्युत वितरण द्वितीय में तीन माह के 689 उपभोक्ताओं की जांच की। इसमें 51 फीसदी उपभोक्ताओं तक बिल नहीं पहुंचा। 48.5 फीसदी उपभोक्ताओं को त्रुटिपूर्ण बिल निर्गत किया गया। यही स्थिति अन्य तीन विद्युत वितरण खंडों में भी रही। लेकिन अधिकारी तहरीर देकर अपना गला बचाने में जुटे हैं।
पूर्व के महीनों में बिलिंग को लेकर जांच की गई। कई तरह की कमियां मिली हैं। इस संबंध में कार्यदायी संस्था के खिलाफ कार्रवाई भी चल रही है। - एके अग्रवाल, अधिशासी अभियंता, विद्युत, बलिया।
विद्युत विभाग के अधिकारियों की ओर से तहरीर मिल चुकी है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी। - राजीव सिंह, कोतवाली प्रभारी, बलिया।