रामगढ़। गंगा के जलस्तर में घटाव का क्रम शुरू हो गया है। बावजूद प्रभावित क्षेत्रों में दहशत बरकरार है। कटान को देखते हुए लोग सहमे हुए है। नदी के घटाव पर होने के बाद बाढ़ खंड के अधिकारी मौके से गायब हो गए हैं। नदी की लहरें बचाव कार्यों को अन्दर ही अन्दर खोखला कर रही हैं।
गंगा में शुरू हुए घटाव के बाद बाढ़ प्रभावित गोपालपुर, उदयीछपरा, दूबेछपरा, सुघरछपरा, बनिया व सोनार टोला रामगढ़ के लोग तात्कालिक राहत महसूस कर रहे हैं। घरेलू सामान को सुरक्षित पहुंचाने का कार्य भी बंद कर दिए हैं। उधर, अब भी खतरा बिंदू से ऊपर बह रही नदी की लहरों में बैकरोलिंग तेजी से हो रही है। इससे कटान बदस्तूर जारी है। रामगढ़ से लेकर पाचरुखिया के बीच लहरों का दबाव एनएच-31 पर कम होता नजर नहीं आ रहा है।
बाढ़ खंड के कर्मचारी इस बीच के डेंजर प्वाइटों पर नजरें बनाए हुए हैं। इन स्थलों पर जगह-जगह बचाव के संसाधन बोल्डर, बंबुक्रेट के ढांचे, मिट्टी सहित ईंट के टुकड़े डंप किए गए हैं। ताकि आपातकाल में लहरों से जंग लड़ी जा सके। उधर, क्षेत्र में सैकड़ो बीधे सब्जी फसल के बाढ़ में नष्ट हो जाने के बाद स्थानीय स्तर पर सब्जी के भाव पर भी असर पड़ता दिख रहा है।
आमद कम हो जाने के बाद बाजार में परवल, भिंडी, नेनुआ के भाव में अब उछाल आने लगा है। गायघाट गेज पर बृहस्पतिवार दोपहर एक बजे नदी का जलस्तर 57.790 मीटर दर्ज किया गया। नदी में 2 सेमी प्रति घंटे का घटाव हो रहा है। यहां खतरा बिंदू 57.615 मीटर है।