पवन की माता सुमन यादव गांव स्थित प्राथमिक विद्यालय में शिक्षामित्र के रूप में कार्यरत हैं। पवन का छोटा भाई तनय प्रकाश यादव एमए का छात्र है। बहन वंदना गांव पर ही रहकर पढ़ाई करती हैं। महाशिवरात्रि के दिन गांव से पूरा परिवार मऊ जनपद पूजा करने गया था। वहां परिजनों को घटना की सूचना मिली तो वो वहीं से बदायूं के लिए रवाना हो गए। पवन प्रकाश की मौत से पूरा गांव मर्माहत है।
ग्रामीणों के अनुसार वह काफी मिलनसार और पढ़ने में मेधावी था। उसका शव लेकर रविवार को परिजन घर के लिए रवाना हुए। सभी का रो-रो कर बुरा हाल है। पिता रोते-रोते बेसुध हो गए। उनका कहना था कि मेरा काफी होनहार बेटा था। आज मैंने सब कुछ खो दिया।
जौनपुर के पसनही गांव निवासी युवक भी बदायूं हादसे का शिकार हुआ। वह एमबीबीएस तीसरे वर्ष का छात्र था। परिवार के सदस्य शव लेने के लिए रवाना हो गए। जयशंकर मौर्य(25) पुत्र महेंद्र कुमार मौर्य शुरू से ही पढ़ने में होनहार था। पिता महेंद्र कुमार खेती-किसानी करके परिवार का भरण-पोषण करते हैं।
जयशंकर ने आरएन टैगोर स्कूल से प्राथमिक शिक्षा, मां दुर्गा जी विद्यालय से हाईस्कूल व इंटर की पढ़ाई की। वर्ष 2017-18 में कोटा में मेडिकल में दाखिला लेने के लिए नीट की तैयारी की। परीक्षा पास करने के बाद जयशंकर का दाखिला वर्ष 2019 में बदायूं मेडिकल कालेज में हुआ। जहां वह वर्तमान में एमबीबीएस तीसरे वर्ष का छात्र था।
महाशिवरात्रि के दिन वह अपने पांच दोस्तों के साथ बाइक कॉलेज से 30 किमी दूर गंगा कछला घाट पर स्नान करने गया था। इस दौरान नहाते समय पांचों छात्र डूबने लगे, वहां स्टीमर पर लोगों की मदद से दो छात्रों को बचा लिया गया। तीन छात्रों का नहीं पता चल सका, जिसमें जयशंकर भी था।
रविवार एनडीआरएफ की टीम दोपहर तीन बजे उसका शव गंवा से मृत अवस्था में निकाली। इसके बाद यहां से गए उसके चाचा पवन, दीपचंद्र, प्रदीप व भाई नवीन को शव दिया गया। शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजन वहां से सायं बजे घर के लिए निकल दिए है। जयशंकर की मां गीता देवी व तीन बहनें रंजना, विजया, राजलक्ष्मी का रोकर बुरा हाल है।