पुलिस ने पूछा की तुम्हारी बेटी कहां है। बताया गया कि वो रिश्तेदार के यहां गई है। रिश्तेदार के सामने आने का बाद मामला खुल कर सामने आ गया। पिता ने पूरी कहानी बयां कर दी। अंशु के पिता रामप्रवेश पटेल ने बताया कि वो अपने बाबा हीरा पटेल के साथ रहती थी। कुछ दिनों से वह किसी लड़के से प्रेम करती थी। घरवालों को इसका पता चला तो प्रेमी के बारे में पूछा। नहीं बताने पर मारपीट भी की।
मंगलवार सुबह पिता रामप्रवेश भैंस चराने व माता रेखा देवी खेत में काम करने चली गई तो अंशु ने फांसी लगाकर जान दे दी। घर के लड़कों ने जब अंशु को फंदे पर झूलते देखा तो शोर मचाया। परिजन उसे फंदे से उतार कर किसी निजी चिकित्सक के यहां ले गए तो उसे मृत घोषित कर दिया गया।
परिजन शव घर लाकर रात होने का इंतजार करने लगे। रात करीब 10 बजे ऑटो से गंगा किनारे ले जाकर शव फेंक दिया। प्रधान की तहरीर पर एफआईआर दर्ज कर युवती के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया गया।