बैरिया थाना क्षेत्र के श्रीनगर गंगा नदी के किनारे अवैध मिट्टी और बालू खनन हो रहा है। इसकी शिकायत ग्रामीणों ने कई बार बैरिया थानाध्यक्ष से लेकर जिलाधिकारी तक से की है। लोगों का कहना है कि शिकायत करने के कुछ दिनो तक तो खनन रुक जाता है पर कुछ दिनों बात स्थिति जस की तस हो जाती है। ग्रामीणों ने आवाज उठाई है कि अगर अवैध खनन नहीं रुका तो हम लोग आत्मदाह करने के लिए बाध्य होंगे।
केहरपुर निवासी सेवानिवृत्त दरोगा अमर नाथ ओझा का कहना है कि कई बार अवैध मिट्टी खनन की शिकायत बैरिया थानाध्यक्ष से लेकर एसडीएम तथा जिलाधिकारी तक शिकायत की गई। लेकिन आज तक यह अवैध खनन का सिलसिला बंद नहीं हुआ। श्रीनगर निवासी नारायण सिंह का आरोप है बैरिया पुलिस 50 से 100 रुपया प्रति ट्राली के हिसाब से लेती है। जिसके चलते शिकायत के बाद एक दो दिन तक बंद रहता है।
लेकिन फिर खनन माफिया अपना खेल शुरू कर देते है। केहरपुर निवासी परशुराम ओझा का कहना है कि हर साल अवैध मिट्टी खनन होता है, और स्थिति यह होती है कि गंगा के मुहाने पर बसे गांव गंगा की हल्की सी उफान में समाहित होते जा रहे है। केहरपुर निवासी जयप्रकाश ओझा का कहना है कि अधिकारियों से कहने का भी कोई प्रभाव नहीं पड़ रहा है। इन सभी लोगों का कहना है कि खनन माफिया भोर में तीन बजे से लेकर सुबह छह बजे तक अवैध मिट्टी खनन करते हैं।
जिसके बाद पूरे दिन अवैध मिट्टी खनन का कार्य बंद हो जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि हम लोगों ने तत्कालीन जिलाधिकारी मुत्थू कुमार स्वामी से शिकायत की थी जिससे कुछ दिनों तक तो बंद रहा। लेकिन फिर खनन शुरू हो गया है। थानाध्यक्ष बैरिया संजय कुमार सिंह का कहना है कि क्षेत्र में खनन की शिकायत मिली है। अगर कोई पकड़ा गया तो उस पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बावत मुख्य विकास अधिकारी के बालाजी ने बताया कि बैरिया थाना क्षेत्र के श्रीनगर में अवैध मिट्टी खनन की शिकायत मिली है। जल्द ही मामले की जांच कराकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।