करीब एक साल पहले कस्बा के एक मकान में एक किशोर का श्ाव कमरे में सड़े हालत में मिला था। मामले को क्राइम ब्रांच की टीम ने हत्या बताते हुए शुक्रवार को तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया।
चार जुलाई, 2015 को 15 वर्षीय राहुल का क्षतविक्षत शव सड़े हालत में उसके कमरे में बंद पाया गया था। उस समय स्थानीय पुलिस ने आत्महत्या बताते हुए फाइल बंद कर दिया था।
मृतका की मां मालती देवी पुलिस के फैसले से संतुष्ट नहीं थी। वह बार-बार हत्या की गुहार लगाती रही लेकिन उनकी किसी ने एक न सुनी। उन्होंने मुख्यमंत्री से लेकर राजभवन तक का दरवाजा खटखटाया। इसके बाद मानवाधिकार आयोग, महिला आयोग के दरवाजे पर दस्तक दी। इसके परिणाम स्वरूप तत्कालीन एसपी अनीस अहमद अंसारी ने जांच आरंभ कराया लेकिन उनका स्थानांतरण हो गया।
इसके बाद वर्तमान एसपी मनोज कुमार झा ने जांच आरंभ कराई। इसमें आत्महत्या की जगह हत्या पाई गई। मामले में क्राइम ब्रांच की टीम ने इल्ताफ हुसैन के नेतृत्व में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस बाबत एसपी मनोज कुमार झा ने तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की पुष्टि की है लेकिन नाम बताने से इंकार कर दिया।