मनियर क्षेत्र के बड़सरी जागीर निवासी मनोज सिंह पेशे से एक निजी महाविद्यालय में शिक्षक है। 1993 में मनोज की शादी रोहुंआ निवासी विक्रम सिंह की पुत्री नीलम से हुई थी। करीब पांच साल तक दोनों के बीच सब ठीकठाक चला और दो बच्चों का जन्म भी हुआ। इसके बाद किसी बात को लेकर दोनों में विवाद होने लगा। विवाद ने इतना तूल पकड़ा कि पति-पत्नी एक ही घर में अलग रहने लगे।
काफी इंतजार के बाद भी जब दोनों के बीच समझौता नहीं हो सका तो पत्नी ने गुजारा भत्ता के लिए न्यायालय में वाद दाखिल कर दिया। साथ ही अधिकारियों से अपने जीवन यापन के लिए गुहार लगाई। जिस पर जिलाधिकारी और एसडीएम के आदेश पर गांव के कोटेदार द्वारा राशन दिया जाने लगा। जिससे नीलम अपने बड़े बेटे राहुल के साथ रहकर अपना जीवन यापन करने लगी। वहीं मनोज अपने छोटे बेटे रोहित के साथ रह रहा था।
मनोज ने अपने छोटे बेटे रोहित को कक्षा 11वीं में पढ़ने के लिए शहर स्थित नागाजी स्कूल में दाखिला दिलाकर हॉस्टल में डाल दिया। उधर मनोज सिंह ने भी पत्नी से तलाक के लिए कोर्ट में वाद दाखिल किया हुआ था। लेकिन पत्नी तलाक के लिए तैयार नहीं थी। शुक्रवार की रात नीलम और मनोज में विवाद हुआ। जिस पर मनोज ने तमंचा निकालकर नीलम पर फायर कर दिया। बड़े बेटे राहुल ने विरोध क रने पर मनोज ने उसपर भी फायर झोंक दिया। गोली लगने के बाद मां-बेटे की मौके पर ही मौत हो गई।
पत्नी और बेटे की मौत होने के बाद आरोपी मनोज ने पुलिस को 100 नंबर पर अपनी पत्नी और बेटे की आत्महत्या करने की सूचना दी। जब मौके पर पुलिस पहुंची तो मामले में मनोज से कड़ाई से पूछताछ की। जिसपर आरोपी ने पत्नी और बेटे की गोली मारकर हत्या करना स्वीकार किया। साथ ही उसके निशानदेही पर पुलिस ने हत्या में प्रयुक्त तमंचा भी बरामद कर लिया।