गड़वार थाना क्षेत्र के रामपुर असली गांव में सोमवार की शाम एक विवाहिता तथा उसकी मासूम बच्ची को ससुराल वालों ने मिट्टी का तेल छिड़ककर जला दिया। इलाज के दौरान जिला अस्पताल में मासूम की मौत हो गई, वहीं विवाहिता ने वाराणसी ले जाने के दौरान दम तोड़ दिया।
इस मामले में मृतका के भाई के तहरीर पर पुलिस ने सास-श्वसुर सहित छह लोगों के विरुद्ध दहेज उत्पीड़न तथा हत्या का मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। नगरा थाना क्षेत्र सिसवार कला गांव निवासी विरेंद्र सिंह की पुत्री नीलम (26) की शादी चार मार्च 2014 को गड़वार थाना क्षेत्र के रामपुर असली गांव निवासी भीम सिंह के लड़के पंकज कुमार सिंह के साथ हुई थी।
भाई द्वारा दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि शादी के बाद से ही ससुरालवाले दहेज में सिकड़ी, अंगूठी और एक लाख रुपये के लिए नीलम को बार-बार मारते-पीटते एवं उत्पीड़ित करते थे। सोमवार की शाम करीब पांच बजे विवाहिता और उसकी डेढ़ वर्षीय पुत्री आकृति को कमरे में बंदकर मिट्टी का तेल छिड़क कर आग के हवाले कर दिया।
इस दौरान घरवालों ने कमरे के बाहर की कुंडी बंद कर दी। आसपास के लोग धुंआ देखकर मौके पर पहुंचे और किसी तरह आग को बुझाया। इस घटना में विवाहिता और उसकी मासूम बेटी दोनों झुलस गई थी। दोनों को सदर अस्पताल पहुंचाया गया।
जहां चिकित्सकों ने मासूम बच्ची को मृत घोषित कर दिया, जबकि विवाहिता की स्थिति गंभीर देख जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। वाराणसी जाते समय रास्ते में ही विवाहिता ने दम तोड़ दिया। मृतका के भाई सूर्य प्रताप सिंह ने सास-श्वसुर सहित छह लोगों के खिलाफ दहेज हत्या एवं दहेज उत्पीड़न का मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार कर शव को अंत्यपरीक्षण के लिए भेज दिया।
मंगलवार को करीब एक बजे पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार झा, सीओ केसी सिंह, थानाध्यक्ष नीरज कुमार पाठक ने मौके पर पहुंच कर मामले की छानबीन की। पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष को मामले के बाकी आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार करने का निर्देश दिया।