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चक्काजाम कर रहे छात्रों पर लाठीचार्ज

Thu, 03 Sep 2015 11:33 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला बलिया
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सतीशचंद्र महाविद्यालय के अनशनकारी छात्रनेताओं के समर्थन में गुरुवार को राष्ट्रीय राजमार्ग-31 पर चक्काजाम कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया। इतना ही नहीं पुलिस ने शहीद चौक में अनशन पर बैठे छात्र नेताओं को भी हिरासत में ले लिया।
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इस मामले में पुलिस ने सात नामजद सहित 30 अज्ञात के विरुद्ध मुकदमा दर्ज कर छह को गिरफ्तार करने के बाद चालान कर दिया है। गिरफ्तार छात्र नेताओं में स्वदेश कुमार, राहुल कुमार मिश्र, आशुतोष पांडेय, अनुपम उपाध्याय, दीपक पासवान, विशाल दुबे शामिल हैं।

एक आरोपी छात्रनेता अविनाश कुमार अभी फरार है। सीओ सिटी सुरेशचंद्र रावत ने बताया कि फरार आरोपी दो मामलों में वांछित है। जल्द ही इसकी भी गिरफ्तारी कर ली जाएगी। उधर छात्रों पर लाठीचार्ज के बाद नगर में सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सर्तकता बढ़ाते हुए अधिक संख्या में पुलिस तैनात कर दी गई है।
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सतीशचंद्र महाविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष पांडेय, दीपक और छात्रनेता अनुपम उपाध्याय छात्रों पर दर्ज मुकदमे वापस लेने आदि मांग को लेकर पिछले सोमवार से शहीद चौक में बेमियादी अनशन पर बैठे थे। गुरुवार को अनशनकारियों के समर्थन में सतीशचंद्र महाविद्यालय के अन्य छात्र भी सड़क पर उतर आए ओर रेलवे स्टेशन को सामने एनएच-31 पर करीब 11 बजे जाम लगा दिया।

इससे आवागमन बाधित हो गया। एनएच-31 पर जाम की सूचना मिलते ही सीओ सिटी सुरेशचंद्र रावत, कोतवाल संदीप सिंह सहित पर्याप्त संख्या में पुलिस बल वहां पहुंच गई। पुलिस ने जाम समाप्त कराने के लिए पहले छात्रों को समझाने-बुझाने का प्रयास किया। लेकिन छात्र अपनी जिद्द पर अड़े हुए थे। इसके बाद पुलिस ने छात्रों को हटाने के लिए उनपर लाठीचार्ज किया। छात्रों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया।

पुलिस की लाठी से पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष राहुल मिश्रा का सिर फूट गया। उसे पुलिस ने हिरासत में लेेकर जिला अस्पताल में इलाज कराया। लाठीचार्ज के बाद चक्काजाम कर रहे छात्र वहां से भाग निकले। उधर पुलिस ने शहीद चौक में पहुंचकर गांधी प्रतिमा के सामने अनशन पर बैठे पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष आशुतोष पांडेय और अनुपम उपाध्याय को जबरिया उठाकर ओक्डेनगंज पुलिस चौकी में भेज दिया।

साथ ही अनशन स्थल पर लगे टेंट को उखाड़ फेंका। प्रशासन के इस कदम से छात्रों में आक्रोश है। घटना के बाद कई छात्र गुटों ने अलग-अलग बैठक कर आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया।
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