विकास भवन में गुरुवार को डीआरडीए (ग्राम्य विकास अभिकरण) के सहायक अभियंता उमेश चंद्र गुप्ता की बाबुओं ने पिटाई कर दी। घटना के पीछे दो साल पहले इंदिरा आवास की जांच बताई जा रही है। मामले में अभियंता की शिकायत पर डीएम ने एएसपी और एडीएम को जांच सौंपी है। सहायक अभियंता का आरोप है कि पीडी के इशारे पर बाबुओं ने मारपीट की।
विकास भवन में गुरुवार सुबह सहायक अभियंता उमेश चंद्र गुप्ता जैसे ही कार्यालय पहुंचे, बाबुओं से उनका विवाद हो गया। इस दौरान उनके बीच मारपीट हो गई। घटना की जानकारी होते ही मीडियाकर्मी पहुंचे तो बाबू खिसक लिए। इसके बाद सहायक अभियंता सीडीओ के यहां पहुंचे और आपबीती बताई। मामले में एई ने पांच नामजद बाबुओं के खिलाफ कोतवाली में तहरीर दी है।
सहायक अभियंता के मुताबिक इंदिरा आवास में हुई धांधली में निष्पक्ष जांच का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है। इसी के चलते दो साल से वेतन बाधित है। सहायक अभियंता ने बताया कि पैसे के अभाव में पत्नी का इलाज नहीं करा पा रहे हैं। वेतन के लिए दो वर्षों में दर्जनों बार पीडी से लगायत सीडीओ के यहां गुहार लगाई लेकिन सुनवाई नहीं हुई।
उधर सीडीओ के बालाजी ने बताया कि तीन माह पहले ही उनका वेतन दिया गया है। डीएम ने मामले की जांच एडीएम और एएसपी को सौंप दी है। मामले में पीडी प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि एई के साथ मारपीट मामले से कोई लेना देना नहीं है। उन पर लगाए गए आरोप बेेबुनियाद है। एई का मनमुटाव काफी दिनों से विभाग के बाबुओं के साथ था।