अमर उजाला ब्यूरो
बलिया। जिला चिकित्सालय में कर्मचारियों के एरियर से संबंधित लाखों रुपये के घोटाले के मामले
में एसीएमओ समेत तीन लोग फंस गए हैं। डीएम यशवंत राव ने इनके विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराकर कार्रवाई का निर्देश सीएमओ डा. पीके सिंह को दिया है।
पिछले साल अक्तूबर में प्रमुख सचिव के यहां से कर्मचारियाें के एरियर में गबन के मामले में शिकायत पत्र डीएम को प्राप्त हुआ था। इस पर डीएम ने त्रिस्तरीय जांच कमेटी गठित की थी। टीम में मुख्य कोषाधिकारी, मुख्य चिकित्साधिकारी और नगर मजिस्ट्रेट शामिल थे। तीनों अधिकारियों ने जांच के बाद रिपोर्ट जिलाधिकारी को सौंप दी है। रिपोर्ट में 25 लाख 37 हजार 583 रुपये का गबन पाया गया। गबन में तत्कालीन एसीएमओ द्वितीय डा. पीके सिंह, नगरा पीएचसी के तत्कालीन प्रभारी चिकित्साधिकारी डा. रौशन सिंह पटेल और कनिष्ठ लिपिक राजानंद संलिप्त पाए गए। डीएम ने तीनों के विरूद्ध एफआईआर दर्ज कराकर शासन को अवगत कराने का निर्देश दिया है। साथ ही अपने स्तर से भी कार्रवाई का निर्देश दिया है। डीएम ने सभी विभाग के अधिकारियों को सचेत किया है कि किसी प्रकार की अनियमितता मिलने पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी एसीएमओ डा. पीके सिंह जिला अस्पताल में तैैनात हैं। जबकि डा. रौशन सिंह पटेल का फैजाबाद स्थानांतरण हो गया है। लिपिक राजानंद निलंबित और फरार है।