एंटी करप्शन वाराणसी की टीम ने नलकूप कालोनी स्थित दुर्गा मंदिर से लेखपाल अमीरचंद्र को घूस लेते वक्त शुक्रवार को रंगे हाथ पकड़ लिया। लेखपाल पर आरोप है कि उसने हैसियत प्रमाण पत्र बनाने वाले एक आवेदक तीन हजार रुपये घूस मांगा था। पीड़ित ने दो मई को उसके खिलाफ शिकायत की थी।
गड़वार कस्बा के दीनदयाल प्रसाद ने दो मई को एंटी करप्शन महकमे के अफसरों को शिकायती पत्र देकर आरोप लगाया था कि उससे क्षेत्रीय लेखपाल अमीरचंद्र ने हैसियत प्रमाण पत्र बनाने के लिए तीन हजार रुपये घूस मांगा है। इस पर टीम के अधिकारियों ने कहा कि जिले में टीम जाएगी और दीनदयाल से मोबाइल पर बात कर लोकेशन पूछेगी।
शुक्रवार को जैसे ही टीम कलेक्ट्रेट परिसर पहुंची, उसने लेखपाल के बारे में लोकेशन लेना शुरू कर दिया। आवेदक ने बताया कि उसे लेखपाल ने नलकूप कालोनी के दुर्गा मंदिर परिसर में शाम को 2.45 बजे पर बुलाया है। एंटी करप्शन टीम ने आवेदक को पाउडर लगे तीन हजार रुपये का नोट देकर दुर्गा मंदिर परिसर में भेज दिया।
जैसे ही आवेदक ने लेखपाल को पैसा थमाया, टीम के सदस्याें ने गिरफ्तार कर लिया। एंटी करप्शन टीम के इंस्पेक्टर विजेंद्र राय ने बताया कि घूस लेने वाले लेखपाल की शिकायत करीब एक सप्ताह पहले मिली थी। लेखपाल के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर चालान कर दिया गया। टीम में इंस्पेक्टर गोविंद बल्लभ जोशी, एचसीपी ओमप्रकाश, नरेंद्र कुमार सिंह, राजकुमार आदि शामिल रहे।