बलिया। हत्या के आरोप में जिला कारागार में निरुद्ध एक कैदी ने बुधवार सुबह अपने दोनों हाथों को नुकीले हथियार से काट दिया। इससे वह लहूलुहान हो गया। आनन फानन में बंदी रक्षकों ने उसे जिला कारागार के अस्पताल में इलाज कराया। इसके बाद वहां से चिकित्सक ने जिला अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बताया जा रहा है कि कैदी का मानसिक संतुलन ठीक नहीं है।
हल्दी थाना क्षेत्र के शाहपुर निवासी नारायण तिवारी (30) हत्या के आरोप में जिला कारागार में निरुद्ध है। वह 2007 से जिला कारागार में बंदी है। उसका बलिया से लेकर वाराणसी तक इलाज कराया गया। इसके अलावा मानसिक अस्पताल में भी कई बार इलाज कराया गया। पर, वह ठीक नहीं हो सका। जेल प्रशासन के अनुसार वह कई बार इस तरह की हरकत करने की कोशिश कर चुका है, पर हर बार उसे बचा लिया गया। बताया जा रहा है कि बुधवार को वह जेल में कहीं से कोई नुकीला हथियार मसलन ब्लेड या कील आदि पा ली। जिससे उसने अपने दोनों हाथों में घाव कर लिया। इस संदर्भ में जब कैदी से बात करने की कोशिश की गई तो उसने कुछ भी बताने से इनकार कर दिया। इस संबंध में जेल अधीक्षक प्रशांत कुमार मौर्य ने बताया कि वह मानसिक रूप से परेशान है। वह हत्या के मामले बंदी है। इसी बीच कहीं से कुछ नुकीली चीज पा गया और अपने हाथों को जख्मी कर लिया।
सूत्रों की माने तो जेल में आपस में अपना प्रभाव जमाने के लिए जेल में कैदी चम्मच आदि को घिसकर कट्टन बना लेते हैं। किसी से झगड़ा आदि होने पर उसी से दूसरों पर वार कर देते हैँ। पर, यह तब होता है जब कैदियों के दो खेमों में बड़े पैमाने पर मारपीट हो। हालांकि पिछले कुछ महीनों से जेल में कोई मारपीट नहीं हुई है। सूत्रों की माने तो इसी तरह का कुछ नुकीली चीज कैदी पा गया। जिसे लेकर वह खुद के हाथों पर ही घाव करने लगा।