बलिया। चतुर्थ अपर सत्र न्यायालय के विशेष न्यायाधीश दयाराम की अदालत ने 190 ग्राम अल्प्राजोलाम अवैध तरीके से अपने पास रखने और लोगों से जहरखुरानी करने के मामले में आरोपी मसरुर को 10 वर्ष की सजा सुनाई। एक लाख के अर्थदंड की सजा भी दी। अर्थदंड अदा न करने पर एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक 27 नवंबर 2017 को थानाध्यक्ष अजीत कुमार सिंह अपने हमराहियों के साथ रेलवे स्टेशन बलिया के प्लेटफार्म नंबर एक पर चेकिंग कर रहे थे। इसी बीच वह बुकिंग हॉल में एक व्यक्ति के पास पहुंचे। जहां वह पुलिस वालों को देखकर घबरा गया। जिसे पकड़ लिया गया नाम पता पूछने पर अपना नाम मसरूर आलम निवासी नगरा थाना जनपद बलिया बताया । उसके पास दौरान चेकिंग अल्प्राजोलम नशीला पाउडर मिला। इसके बारे में उसने बताया कि उनके खाने पीने के सामान में मिला कर यात्रियों को खिलाकर बेहोश कर सामान चोरी कर लेना मेरा काम है। इस दौरान जामा तलाशी के बाद उसके जेब में अल्प्राजोलम पाउडर और 20 रुपये के नोट के अलावा अन्य कोई कागजात नहीं मिला। पाउडर रखने का उसके उससे लाइसेंस मांगा गया तो वह नहीं दिखाया और गलती के लिए माफी मांगने लगा। इस मामले में थाना जीआरपी ने अभियुक्त के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। इस मामले में न्यायालय ने साक्ष्यों व पत्रावली का अवलोकन व अधिवक्ताओं की तर्क सुनने के उपरांत अभियुक्त के खिलाफ दोष साबित पाते हुए उसे 10 वर्ष की सश्रम कारावास व एक लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अर्थ दंड न अदा करने पर अभियुक्त को एक वर्ष का अतिरिक्त कारावास सजा भुगतना होगी।