बलिया। शहर के स्टेशन-टाउन हाल रोड स्थित एक लॉज में तीन माह से रह रहा बिजनौर जिले के थाना नूरपुर क्षेत्र के राहु नगली निवासी सरदार बाबू सिंह (45) शुक्रवार की सुबह संदिग्धहाल में मृत मिला। पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजवाया। लॉज के रजिस्टर में उसका नाम दर्ज न होने से उसकी शिनाख्त हो पाने में काफी विलंब हुआ। इस संबंध में पुलिस लॉज संचालक से पूछताछ कर रही है।
लॉज संचालक के पुत्र और कारोबारी विशाल सिंह ने बताया कि लॉज का संचालन उसकी मां उमा देवी करतीं हैं। मृत व्यक्ति करीब तीन माह से लॉज में किराए पर रह रहा था। मेरी मां गुरुवार की शाम को किराया मांगने के लिए उसके कमरे पर गई, तो कमरा अंदर से बंद था। मां ने उसे आवाज लगाई, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद मां यह सोचकर चली आई कि सोया होगा। शुक्रवार की सुबह मां पुन: पैसे के लिए गई और फिर आवाज लगाई लेकिन अंदर से कोई उत्तर नहीं मिला। अंदर से बदबू आ रही थी। उसने कमरे की खिड़की खोली तो वह बिस्तर पर पड़ा था। मां ने मुझे फोनकर बुलाया। मैंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस की जांच में बिस्तर पर देशी शराब की करीब 10 खाली शीशियां मिलीं। आसपास के लोगों की माने तो वह कीटनाशक दवा और देसी दवाइयां घूमकर बेचता था और शराब भी काफी पीता था। लॉज संचालिका उमा देवी ने बताया कि तीन माह पहले वह मेरे पास आए थे और कहा कि एक कमरा 10-15 दिन के लिए चाहिए। आईडी मांगने पर कहा कि आईडी कहीं भूल गए हैं। काफी आग्रह पर उसे एक कमरा किराए पर दे दिया था। एसपी श्रीपर्णा गांगुली ने कहा कि नगर स्थित लॉज में संदिग्ध परिस्थितियों में अधेड़ सिख की लाश मिली है। उसकी मौत तीन-चार दिन पहले हो चुकी थी। उसके परिजनों को सूचना दे दी गई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की वजह स्पष्ट हो पाएगी। बिना आईडी के लॉज में रखने वाले संचालक के विरुद्घ भी कार्रवाई की जाएगी।