बलिया। केबिनमैन शैलेश तिवारी हत्याकांड का घटना के चार माह बीत जाने के बाद भी पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। जिसके कारण हत्यारे पुलिस पकड़ से कोशो दूर है। आरोपियों की गिरफ्तारी में विलंब होने पर विभागीय अधिकारी, कर्मचारी व परिवारजनों में रोष व्याप्त है।
ज्ञात हो कि शहर के चित्तू पांडेय चौराहे के समीप स्थित रेलवे क्रासिंग पर तैनात केबिनमैन शैलेश तिवारी की छह फरवरी की रात अज्ञात बदमाशों ने राड से मारकर हत्या कर दी थी। इस मामले में सहायक स्टेशन मास्टर के तहरीर पर जीआरपी ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर छानबिन आरम्भ किया। लेकिन चार बीत जाने के बाद भी जीआरपी मामले की गुत्थी सुलझाने में विफल रही है। इस मामले में जीआरपी व आरपीएफ की संयुक्त टीम के साथ ऱ्ही सर्विलायंस व मऊ की टीम आरोपियों तक पहुंचने के लिए रात दिन लगी हुई है। इस मामले में विजयीपुर के कुछ लोगों को जीआरपी पुलिस उठाकर पूछताछ भी किया। बावजूद कोई ठोस सबूत नहीं मिल सका है। इसके बाद नीला रंग के ई-रिक्शा चालकों को उठाया और पूछताछ किया। लेकिन कोई सुराग हाथ नहीं लग सका। जिससे आरोपी तक पुलिस पहुंच सकें। अंत में जीआरपी पुलिस अधीक्षक ने पिछले दिनों जीआरपी प्रभारी यूके श्रीवास्तव को उदासीनता बरतने पर लाइन हाजिर कर दिया। इसके बाद राजा भईया को मामले की खुलासा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई। लेकिन अब तक जीआरपी को कोई अहम सुराग नहीं मिल सका है। इस बाबत जीआरपी प्रभारी राजा भइया नेइबताया कि हत्यारों तक पहुंचने के लिए प्रयास जारी है।