बलिया। शुक्रवार की रात कोतवाली क्षेत्र के सहोदरा मोड़ के पास घेराबंदी कर शहर कोतवाली व बांसडीह कोतवाली पुलिस ने संयुक्त रूप से अंतरप्रांतीय छह वाहन चोरों को चोरी के छह वाहन के साथ गिरफ्तार कर संबंधित धाराओं में चालान किया। बीते 18 फरवरी को बांसडीह कोतवाली क्षेत्र के केवरा गांव से दरवाजे पर खड़ी बोलेरो चोरों ने गायब कर दिया था। जिसे रात में कोतवाली पुलिस ने पकड़ लिया। उसी समय से पकड़े गए चारों आरोपियों से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने शनिवार को एक बड़ा खुलासा कर दिया। शनिवार को खुलासा करते हुए पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपी बिहार प्रांत के छपरा जिले के रिवीलगंज निवासी पवन कुमार सिंह पुत्र स्व. राम नरेश सिंह, छपरा जिले के मुफ्फसिल थाना के नैनी निवासी संतोष कुमार सिंह पुत्र स्व. रमेश सिंह, बिहार प्रांत के गोपालगंज जिला के भोरे थाना क्षेत्र के टड़वा निवासी मोहन कुमार बैठा पुत्र मोती लाल बैठा, सारण जिले के ब्रह्मपुर थाना के भगवानपुर निवासी राजेश कुमार चौधरी पुत्र स्व. मुद्रिका चौधरी, सारण जिले के दाउदपुर थाना के बनवार बांगर निवासी हृदयानंद दुबे पुत्र स्व. सर्वानंद दुबे, बांसडीह कोतवाली के बड़ी बाजार निवासी मनोज कुमार गुप्ता पुत्र स्व. विंध्याचल गुप्ता हैं। इनके पास से चोरी की चार बोलेरो, एक वैगनार व एक टाटा सूमो ग्रैंड बरामद हुई है। जिसकी अनुमानित कीमत करीब 66 लाख बताई जा रही है। बताया कि बांसडीह कोतवाली के केवरा निवासी पप्पू सैनी पुत्र भोजा सैनी ने 18 फरवरी 2018 को अपनी बोलेरो चोरी की सूचना बांसडीह पुलिस को दिया था। जिसके बाद पुलिस ने धारा 379 भादवि पंजीकृत कर छानबीन में जुट गई। जिसे पकड़ने के लिए थानाध्यक्ष बांसडीह व कोतवाली प्रभारी निरीक्षक को लगाया गया था। शुक्रवार को मुखबिर से सूचना मिली कि अंतरप्रांतीय वाहन चोर गैंग के कुछ सदस्य शहर कोतवाली के सहोदरा मोड़ के पास मौजूद है। जिसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी की गयी तो बदमाशों ने पुलिस पर जान से मारने की नियत से फायर झोंक दिया। जिसके बाद पुलिस ने भी जवाबी कार्रवाई की और चार वाहन चोरों को गिरफ्तार किया। जिनके पास से एक तमंचा, एक जिंदा कारतूस तथा चोरी की एक बोलेरो व एक वैगनार कार बरामद किया। चोरों के निशानदेही पर उमरगंज स्थित रेलवे फाटक के पास से तीन बोलेरो व एक टाटा सूमो ग्रैंड बरामद की गयी। इसके साथ ही इनके दो अन्य साथियों को गिरफ्तार किया। एसपी ने बताया कि पूछताछ में इन्होंने बताया कि बड़ा गैंग है, गैंग के लोग बिहार प्रांत व उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों से वाहन चुराते और नंबर प्लेट बदलकर तथा फर्जी कागजात बनवाकर बेच देते हैं। सभी अभियुक्तों के विरुद्ध सदर कोतवाली में धारा 307 भादवि, सहित अन्य धाराओं में मुकदमा पंजीकृत किया गया।