बलिया। आवास योजनाओं में गड़बड़ी करने वाले सचिवों के खिलाफ 10 माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। इसके अलावा एडीओ व बीडीओ पर कार्रवाई के बाबत भी अफसर चुप्पी साधे हुए हैं। 10 माह पहले डीआरडीए के पीडी ने सांसद आदर्श गांव व डीएम के गोद लिए गांव के आवास लाभार्थियों के चयन में गड़बड़ी पकड़ी थी।
तमाम प्रयासों के बावजूद प्रधानमंत्री आवास योजना को लेकर अधिकारी संवेदनशील नहीं हैं। इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि पीडी की ओर से किए सत्यापन में गड़बड़ी मिलने के 10 माह बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। दुबहड़ ब्लाक सांसद आदर्श गांव ओझवलिया व डीएम के गोद लिए गांव उदयपुरा के आवास के लाभार्थियों का सत्यापन जनवरी महीने में डीआरडीए के पीडी राजकुमार त्रिपाठी ने किया था। ब्लाक से भेजी गई सूची के अनुसार ओझवलिया के 179 के सापेक्ष 147 व उदयपुरा के 102 के सापेक्ष 59 लाभार्थियों को अपात्र पाया था। इसके लिए पीडी ने दोनों गांवों के पंचायत सचिव को दोषी माना था। पीडी ने लापरवाही तरीके से सूची भेजने के लिए सेक्टर एडीओ व बीडीओ को लापरवाह बताया था। पीडी ने डीडीओ को पत्र भेजकर सचिव, एडीओ व बीडीओ के खिलाफ कार्रवाई करने की संस्तुति भी की थी। लेकिन 10 माह बाद भी इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हो सकी है।
प्रधानमंत्री आवास के मामले में कई सचिवों के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है और कई मामले में कार्रवाई चल रही है। स्पष्टीकरण परीक्षण के बाद जल्द ही लापरवाही करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
- संतोष कुमार सीडीओ, बलिया