बलिया। प्रदेश में एक सितंबर से ई-टेंडरिंग की व्यवस्था लागू तो कर दी गई है लेकिन पीडब्ल्यूडी विभाग को छोड़ बाकी विभागों में टेंशन बढ़ गई है।
ई-टेंडरिंग के बाद कई तरह की दिक्कतें भी सामने आ रही हैं।
विभिन्न निर्माण कार्यों में पारदर्शिता को लेकर शासन ने ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू किया है। अब किसी भी विभाग से कोई भी कार्य लेने के लिए ठेकेदारों को ई-टेंडर के माध्यम से आवेदन करना होगा और अधिकारी भी इसी के जरिए ही आवंटन का काम करेंगे। बताया जाता है कि खासकर निर्माण निगम, सिंचाई विभाग, वन विभाग आदि से होने वाले कार्यों के लिए निविदा अब ई-टेंडर के माध्यम से ही किया जाएगा। हालांकि व्यवस्था नई होने के कारण विभिन्न विभागों को परेशानियों का भी सामना करना पड़ रहा है । लोक निर्माण विभाग के लिए ई-टेंडर की व्यवस्था नई नहीं हैं और इस विभाग में पिछले तीन सालों से ई-टेंडर के माध्यम से ही कार्यों का आवंटन किया जाता है। ई-टेंडर के लिए अलग-अलग मानकों का निर्धारण कर पोर्टल पर ही प्रदर्शित करने का प्रावधान है। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के एक्सईएन एमपी चौरसिया की मानें तो विभाग में पिछले तीन सालों से ई-टेंडरिंग व्यवस्था लागू है और समय-समय पर इसी के तहत निविदा आमंत्रित की जाती है। बताया कि प्रस्ताव के सापेक्ष धन की उपलब्धता के आधार पर ई-टेंडर किया जाता है।