बलिया। द्वाबा क्षेत्र में मठ योगेंद्र योगी के पास फ्लावर मिल में सोमवार को भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद होने के बाद क्षेत्र में हड़कंप मच गया है। इतनी भारी मात्रा में अंग्रेजी शराब बरामद होने के बाद स्थानीय पुलिस की सवालों के घेरे में खड़ी हो गई है। लोगों का कहना है कि इतनी भारी मात्रा में शराब क्षेत्र से बिना पुलिस की मदद से पहुंचना मुश्किल है।
बताया जाता है कि द्वाबा क्षेत्र बिहार प्रांत से सटा इलाका है, इस कारण यहां से शराब बिहार भेजना आसान होता है। सूत्रों की माने तो यहां अंग्रेजी शराब गोदामों में इकट्ठा कर बिहार भेजा जाता है। बिहार में शराब की बिक्री प्रतिबंधित होने के बाद क्षेत्र में कारोबारियों की चांदी हो गई है। स्थानीय पुलिस की मिलीभगत से नदी, सड़क एवं रेलवे के माध्यम से शराब की खेप बिहार पहुंचाई जाती है।
बताया जाता है कि सोमवार को द्वाबा में जितनी शराब बरामद हुई, उतनी मात्रा में आज तक कभी बरामद नहीं हो सकी है। पुलिस भले ही शराब की भारी मात्रा में खेप बरामद कर पीठ थमथपा रही है लेकिन यह उनकी चिंता का विषय भी बना है कि बिना उनकी जानकारी के क्षेत्र में इतनी भारी मात्रा में शराब पहुंची कैसे। यह उनकी गश्ती पर भी सवालिया निशान लगाता है। सूत्रों की माने तो थाने के कुछ ऐसे सिपाही भी हैं, जो एक ही स्थान पर लंबे समय से हैं और उनका संपर्क शराब माफियाओं से है, जो उनके मुखबिर का कार्य भी करते हैं।
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दिखावे के लिए की जाती है भट्ठी, लहन नष्ट
दयाछपरा। पुलिस दयाछपरा व रेवती थाना क्षेत्र के भाखड़ में अवैध कच्ची शराब के फैक्ट्री पर छापेमारी करती है। लेकिन बार-बार सुर्खियों में रहने की वजह से सिर्फ शराब की भठ्ठियों को तोड़ा जाता है और लहन को नष्ट किया जाता है। लेकिन कभी भी शराब निर्माता व विक्रेता को नहीं पकड़ा जाता। सूत्रों की माने तो शराब कारोबारी पुलिस को अच्छी रकम देते है। जिससे छापेमारी करने से पूर्व उन्हें पुलिस द्वारा सूचना दे दी जाती है, जिससे वे फरार हो जाते हैं।