बलिया। जिलाधिकारी सुरेन्द्र विक्रम के निर्देश पर बुधवार को शहर के बीचोबीच संचालित एक कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी) पर अधिकारियों की टीम ने छापेमारी कर आपरेटर को हिरासत में ले लिया। टीम ने मौके पर मौजूद लोगों से पूछताछ की। अमर उजाला ने 26 जुलाई के अंक में प्रधानमंत्री आवास के नाम पर लोग हो रहे गुमराह शीर्षक से खबर प्रकाशित कर प्रशासन का ध्यान इस ओर आकृष्ट कराया था।
बताया जाता है कि पिछले कई दिनों से शहर के बीचोबीच शास्त्री पार्क चौराहा पर स्थित एक सीएससी संचालक की ओर से ग्रामीणों को बुलाकर प्रधानमंत्री आवास तथा शौचालय निर्माण के लिए ऑनलाइन आवेदन किया जाता था। जबकि यह सुविधा केवल नगरीय क्षेत्रों के लिए भारत सरकार की ओर से की गई थी और ग्रामीण इलाकों के लिए बीडीओ तथा ग्राम पंचायत सचिवोें के माध्यम से कार्रवाही का प्रावधान किया गया था। सीएससी संचालक की ओर से ग्रामीणों से प्रति आवेदन वसूली भी की जाती थी। आलम यह रहा कि जिले के विभिन्न इलाके के सैकड़ों लोग यहां पहुंचते थे और संचालक की ओर से इनके बैठने के लिए बाकायदा टेंट आदि भी लगवाए गए थे। इस मामले की पड़ताल करते हुए अमर उजाला ने 26 जुलाई के अंक खुलासा किया तो प्रशासन हरकत में आया। बुधवार को मामले को संज्ञान में लेते हुए अधिकारियों की टीम बनाते हुए छापेमारी कर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। डीएम के निर्देश पर अधिकारियों ने छापेमारी कर सीएससी के ऑपरेटर को हिरासत में ले लिया। अधिकारियों ने बताया कि करीब एक हजार ग्रामीणों की भीड़ थी। ग्रामीणों ने बताया कि पीएम आवास तथा शौचालय निर्माण के लिए आवेदन के लिए आए हैं और प्रति आवेदन दौ सौ रुपये यहां देना पड़ता है। मामले के तह तक जाने के लिए अधिकारियों की टीम आपरेटर से पूछताछ कर रही है। अधिकारी पूरी पड़ताल के बाद बड़ी कार्रवाई के मूड में हैं। टीम में सिटी मजिस्ट्रेट मनोज पांडेय, नगरपालिका के ईओ संतोष कुमार मिश्र, डूडा के परियोजना अधिकारी एडीएस चौहान तथा ई-डिस्ट्रिक्ट के जिला प्रबंधक अभिजात सिंह थे।
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ग्रामीणों को गुमराह कर ऑनलाइन आवेदन करने की जानकारी पर शहर के एक सीएससी पर छापेमारी की गई है और एक आपरेटर को हिरासत में लिया गया है। मामले की जांच चल रही है और दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया जाएगा।
= मनोज पांडेय, सिटी मजिस्ट्रेट, बलिया