बलिया। लाख प्रयास के बावजूद सफेद बालू का अवैध खनन बदस्तूर जारी है। गंगा, घाघरा व टोंस नदी के तटवर्ती इलाकों में पुलिस की मिलीभगत से यह धंधा फल फ़ूल रहा है। खनर्न औ राजस्व विभाग के अधिकारी भी खनन रोकने को लेकर कभी कभार एक दो गाडिय़ों को पकड़ कर कोरम करते हैं। पुलिस भी उन्हीं गाडिय़ों को पकड़ती है जो उनके संपर्क से बाहर के होते हैं।
सरकार के लाख दावे के बावजूद जिले में नदियों के किनारे सफेद बालू के अवैध खनन का कारोबार बदस्तूर जारी है। इस अवैध कारोबार से जहां बालू माफिया मालामाल हो रहे हैं वहीं हर महीने करोड़ों के राजस्व की भी हानि हो रही है। आलम यह है कि गंगा, घाघरा व टोंस नदी के किनारे धड़ल्ले से अवैध खनन किया जा रहा है। खासकर नरहीं थाना क्षेत्र के गंगा के किनारे के गांव कोटवां नारायनपुर, नसीरपुर मठ, सरयां, उजियार, भरौली, गोविंदपुर, सोहांव, पलियाखास, कोट अंजोरपुर से लेकर शहर से सटे महावीर घाट, हल्दी, बैरिया तक जगह-जगह सफेद बालू का खनन बदस्तूर जारी है। बताया जाता है कि सरकार व जिला प्रशासन की आंखों में धूल झोंकने के लिए अब खनन माफिया रात में ही खनन करते हैं और पहले तय स्थानों पर ट्रैक्टरों के माध्यम से सफेद बालू को रात में गिराने का काम करते हैं। बताया जाता है खनन माफिया पुलिस से सेटिंग करके इस काम को अंजाम देते हैं। बतौर उदाहरण नरहीं थाना के कोरंटाडीह चौकी से कुछ दूरी पर ही नसीरपुर मठ के पास होने वाले खनन को कभी रात में देखा जा सकता है। हालांकि सोमवार को हो हल्ला होने के बाद एसओ ने सफेद बालू लदे दो ट्रैक्टरों को पकड़कर सीज कर दिया।