चिलकहर। गड़वार तिराहा पर रविवार को तड़के पुलिस ने एक पिकअप पकड़ी। तलाशी के बाद उसमें सरकारी खाद्यान्न पाया गया, जो कालाबाजारी के लिए लो जाया जा रहा था। पुलिस पांच घंटे तक वाहन को थाने परिसर में रोके रही और बाद में छोड़ दिया। पुलिस की यह कार्रवाई चर्चा का विषय बनी हुई है। हालांकि पुलिस का कहना है कि कागजात सही पाए जाने पर पिकअप को छोड़ा गया, ऐसे में एक सवाल उठना लाजिमी है कि क्या कागजात चेक करने में पुलिस को पांच घंटे का समय लग गया।
हुआ यूं कि रविवार को भोर लगभग तीन बजे गड़वार तिराहे से एक पिकप गुजर रही थी। जिसको पुलिस ने पकड़ लिया, इसके बाद कागजात आदि देखने के बावजूद वाहन को आगे बढ़ने देने के बजाय थाने ले जाकर खड़ा कर दिया। सूत्र की मानें तो इस दौरान पिकअप को छुड़वाने के लिए एसओ के पास कई नेताओं के फोन आए। वहीं विशेष सूत्र की मानें तो खाद्यान्न कालाबाजारी के लिए जा रहा था, लेकिन सत्तापक्ष के दबाव के कारण पुलिस कार्रवाई के बजाय छोड़ देने में ही भला समझा। जैसा की पुलिस का कथन है कि कागजात चेक किया, सही पाए जाने पर छोड़ा गया। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि क्या एक गाड़ी की कागजात या फिर पूरी गाड़ी की तलाशी लेने में पांच घंटे लग जाते हैं। यदि नहीं तो आखिरकार पांच घंटे तक पिकप वाहन को थाने परिसर में क्यों खड़ा करके रखा गया। उधर, इस संबंध में सीओ हितेंद्र कृष्ण ने बताया कि हां इस मामले में मुझे गड़वार एसओ ने बताया कि कागजात देखने के बाद गाड़ी को छोड़ दिया गया।