भीमपुरा। थाना क्षेत्र के लोहटा पचदौरा गांव में 14 महीने पूर्व सत्येद्र सिंह की हुई मौत की गुत्थी अब तक सुलझ नहीं सकी है। इस मामले में पुलिस हत्या व आत्महत्या में उलझ कर रह गई है। हालांकि इस मामले मृतक के भाई संजय सिंह ने सत्येंद्र की पत्नी व साले के खिलाफ हत्या की तहरीर दिया था। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर छानबीन में जुट गई। लेकिन आरोपियों के खिलाफ पुलिस को कोई साक्ष्य नहीं मिला। आखिर सत्येंद्र का हत्यारा कौन है? यह पुलिस के लिए पहेली बनकर रह गई है।
बतादें कि थाना क्षेत्र के लोहटा पचदौरा गांव निवासी सत्येंद्र सिंह की गांव के समीप एक पोल्ट्री फार्म में 4 जून 2016 को टीनशेड के पाइप से लटका शव मिला था। इस दौरान पोल्ट्री फार्म का दरवाजा का अंदर से बंद होना पाया गया था। मौके पर पहुंची पुलिस ने दरवाजे को तोड़वाकर शव को बाहर निकलवाया था। लेकिन करीब 100 मीटर की दूरी पर खून के धब्बे, सेफ्टी ब्लेड मिलना तथा पैर का बेंच से सटा होने से यह मामला हत्या और आत्महत्या के बीच उलझकर रह गई थी। मृतक की पत्नी पूनम ने अपने पति सत्येंद्र के प्रताड़ना से क्षुब्ध होकर घटना से एक दिन पूर्व अपने पति के विरुद्ध भीमपुरा थाने में दहेज उत्पीड़न का मुकदमा भी दर्ज कराई थी। उसके दूसरे दिन सत्येंद्र का पोल्ट्री फार्म के टीनशेड के पाइप से लटका शव मिला था। इस मामले में सत्येंद्र के बड़े भाई संजय सिंह ने 7 जून 2016 को मृतक की पत्नी पूनम सिंह व साले प्रयाग सिंह के विरुद्ध हत्या का मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में पुलिस हत्या व आत्महत्या की गुत्थी को अब तक सुलझा नहीं सकी और न ही आरोपियों को गिरफ्तार कर सकी।