फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

उग्रवादियों के कब्जे से तीन साल बाद

विज्ञापन
विज्ञापन
बलिया। जिले के तीन लोगों सहित पांच लोगों का अपहरण मेघालय प्रांत के बेस्टगारों हील्स जनपद के रंभा गिरी में गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी के उग्रवादियों ने कर लिया था। इस मामले में प्रदेश व केंद्र सरकार द्वारा तीन साल बीत जाने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं किए जाने पर अपने पति रिहाई के लिए महिलाओं ने सूबे के राज्यपाल, मुख्यमंत्री तथा विधानसभा अध्यक्ष के नाम संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। जिसमें कहा गया है कि उनके पति आज भी उग्रवादियों के कब्जे में है। ऐसे में हम उन्हें छुड़ाने के लिए शासन के तीनों प्रतिनिधियों को रक्षासूत्र बांधकर गुहार लगाएंगे। पांच ऐसी आभागी महिलाएं है जिनकी पतियों का अपहरण 25 मार्च 2014 को मेघालय प्रांत में गारो नेशनल लिबरेशन आर्मी के उग्रवादियों ने कर लिया था।
विज्ञापन

जिसमें रसड़ा तहसील क्षेत्र के बैजलपुर निवासी मानिकचंद्र गुप्ता, रसड़ा निवासी मिट्ठू गोंड, संजय गोंड, अशोक गुप्ता तथा बिहार के बक्सर जनपद के डूमराव निवासी सुनील गुप्ता एक पिकअप पर चावल लेकर बेचने के लिए जा रहे थे। तभी गारो नेशलन लिबरेशन आर्मी के उग्रवादियों ने उनका अपहरण कर 50 लाख की फिरौती की मांग की। मध्यस्थता करने वाले जिले के ही एक व्यक्ति के माध्यम से दस लाख रुपये दिया गया।
बावजूद अब तक उन्हे उग्रवादियों के चुंगल से मुक्त नहीं कराया जा सका। जिन मोबाइल नंबरों का प्रयोग कर उग्रवादियों द्वारा फिरौती मांगी गई उन नंबरों को यदाकदा खोलकर गारो भाषा में बोलने के लिए कहा जाता है। जंतर-मंतर पर धरना के दौरान राष्ट्रपति, मानवधिकार आयोग के राष्ट्रीय अध्यक्ष, प्रधानमंत्री तथा गृहमंत्री को पत्रक सौंपा गया था। इस मामले में न्याय न मिलने पर समाजिक कार्यकर्ता ब्रजभूषण दूबे के नेतृत्व में पीड़ित महिलाओं ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें