बलिया। एक युवक से नौकरी के नाम पर पैसा लेने तथा पैसा मांगने पर मारने-पीटने के मामले में आरोपी डीएवी इंटर कालेज के प्रबंधक की जमानत अर्जी कोर्ट ने खारिज कर दी। इस मामले में अंतरिम जमानत अर्जी की सुनवाई करते हुए गुरुवार को जिला जज मो. असलम की अदालत ने माना कि अपराध संज्ञेय प्रवृत्ति का है। ऐसे में अंतरिम जमानत नहीं दी जा सकती है।
अभियोजन पक्ष के मुताबिक उभांव थाना क्षेत्र के सिसैंड कला निवासी सत्यप्रकाश यादव ने थाने में तहरीर दर्ज कराई थी, जिसमें आरोप लगाया गया था कि अपने स्कूल में नौकरी दिलाने के नाम पर स्कूल के प्रबंधक अनूप कुमार हेमकर ने दो लाख रुपये लिए थे। लेकिन जब नौकरी नहीं लगी तो उसने प्रबंधक से अपना पैसा मांगना शुरु कर दिया। जिसके बाद प्रबंधक ने उसे रेलवे स्टेशन बेल्थरारोड बुलाया, जहां पर प्रबंधक उनका भाई सहित चार-पांच लोगों ने वादी को बुरी तरह से मारा-पीटा। इस मामले में पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने 323, 504,506 तथा 406 भादवि के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया था। बार-बार गैर जमानती वारंट जारी होने के बाद स्कूल के प्रबंधक हाईकोर्ट भी गया, जहां पर कोर्ट ने निचली अदालत में अपनी जमानत अर्जी देने को कहा था, गुरुवार को निचली अदालत ने जमानत अर्जी खारिज कर उन्हें जेल भेज दिया।