बैरिया। विद्युत उपकेंद्र बैरिया के श्रीनगर गांव के दर्जनों घरों में मंगलवार को दोपहर में हाई करेंट आने से जहां कई लोग झुलस गए वहीं घरों में रखे लाखों के विद्युत उपकरण जल गए। ग्रामीणों ने कई बार जेई को फोन किया लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया और गांव में करीब एक घंटे तक भगदड़ की स्थिति बनी रही। ग्राम प्रधान ने मामले से थाने को अवगत कराया तो पुलिस ने सप्लाई को बंद कराया। झुलसे ग्रामीणों को इलाज के लिए सीएचसी सोनबरसा पर भर्ती कराया गया है।
बताया जाता है कि दोपहर में ज्योंही बिजली की आपूर्ति शुरू हुई गांव के बिजली पासवान, बरमेश्वर सिंह, संट्टू सिंह, गोपाल गुप्ता, अमिताभ सिंह, टिंकू सिंह आदि दर्जनभर लोगों के घरों में हाई करेंट आ गया। जब तक लोग कुछ समझते हाई करेंट से कई लोग झुलस गए और घरों में रखे फ्रीज, कूलर, पंखे, टीवी आदि जल गए। ग्रामीणों के बार-बार फोन करने के बावजूद बैरिया विद्युत उपकेंद्र पर तैनात अवर अभियंता ने फोन नहीं उठाया और हाई करेंट के भय से गांव में करीब एक घंटे तक भगदड़ की स्थिति बनी रही। जानकारी होने पर ग्राम प्रधान राजेश यादव ने बैरिया थाने में फोन कर विद्युत उपकेंद्र पर बिजली की सप्लाई को बंद कराया, तब जाकर गांव में स्थिति सामान्य हुई।
प्रधान के सहयोग से ग्रामीणों ने सभी झुलसे लोगों को सोनबरसा अस्पताल पहुंचाया, जहां तीन लोगों की स्थिति को गंभीर देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सदर अस्पताल के लिए रेफर कर दिया। बिजली के करेंट से झुलसने वालों में खुशी (10), सुमित पासवान (16), हीरामुनी देवी (60), चंद्रावती देवी (50), श्वेता (16) हैं। प्रधान ने बताया कि गांव में एक ही जगह एचटी व एलटी तार है और आए दिन आपस में छू जाते हैं। इसे दुरुस्त करने के लिए कई बार अधिशासी अभियंता से लेकर अवर अभियंता से गुहार लगाई गई लेकिन किसी ने इस पर ध्यान नहीं दिया। मंगलवार को दोनों तार हवा के झोंके से आपस में सट गए और हाई करेंट घरों में दौड़ गया।
उधर, ग्राम प्रधान श्रीनगर राजेश यादव ने बताया कि हाई करेंट से झुलसे लोगों को जब सोनबरसा इलाज के लिए लाया गया तो चिकित्सक बाहर से दवा व इंजेक्शन मंगवा रहे थे। अस्पताल में इमरजेंसी से निपटने के लिए भी दवा नहीं है। ऐसे में गरीब लोगों का इलाज कैसे होगा समझ से परे है।